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आंगनबाड़ियों ने एडीएम, एसडीएम को किया बंद

Tue, 09 Aug 2016 11:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
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तालाबंदी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पिछले एक माह से मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का आक्रोश सहायिका की मौत के बाद मंगलवार को फूट पड़ा। उन्होंने एडीएम राकेश कुमार मालपाणी और एसडीएम को कार्यालय में बंद कर दिया। इस दौरान कार्यकत्रियों ने एडीएम के कार्यालय में ताला डाल दिया। आधा घंटे तक कार्यालय में ताला पड़ा रहा। डीएम से वार्ता के बाद ताला खोला।
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 रविवार को एक सहायिका की भी हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि कार्यकत्रियों की मांगें शासन स्तर की है वे यहां से कोई निर्णय नहीं ले सकते। इसके चलते अभी तक उनकी मांगों पर कोई निर्णय नहीं हो सका है। गुस्साई कार्यकत्रियों ने मंगलवार को डीएम एडीएम और एसडीएम के कार्यालय में तालाबंदी की घोषणा की थी। इसके चलते सुबह से ही जिलेभर का फोर्स कलक्ट्रेट में तैनात रहा। सुबह एएसपी से लेकर अन्य अधिकारियों तक से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की वार्ता हुई लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला।
 दोपहर करीब दो बजे आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने एडीएम राकेश कुमार मालपाणी के कार्यालय की ओर कूच किया। इस दौरान पुलिस फोर्स ने उन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद कार्यकत्रियों का नेतृत्व कर रही सरिता शाक्य के नेतृत्व में कुछ आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने एडीएम से मुलाकात की। वहां पर वार्ता में कोई परिणाम न निकलने पर उन्होंने एडीएम कार्यालय पर ताला लगा दिया। इससे एडीएम राकेश कुमार मालपाणी और एसडीएम वीके अग्रवाल बंद हो गए। इसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां डीएम कार्यालय की ओर तालाबंदी करने गईं। यह देखते ही फोर्स एएसपी ने वहां बुला लिया। करीब आधा घंटे तक मशक्कत करने के बाद भी कार्यकत्रियां डीएम कार्यालय में ताला नहीं डाल पाईं। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और फोर्स को उन्हें रोकने में पूरी ताकत झोंकनी पड़ी। बाद में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को पता चला कि डीएम कार्यालय में ही नहीं है। इस पर वे वापस एडीएम कार्यालय पहुंचीं। लेकिन तब तक एडीएम और एसडीएम कार्यालय के दूसरे दरवाजे से जा चुके थे।
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 दोपहर तीन बजे कार्यकत्रियां डीएम आवास पर पहुुंची। वहां जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें मरने वाली सहायिका रूबी के स्थान पर उसकी बेटी को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की। साथ ही डीपीओ साहब यादव के खिलाफ कार्रवाई की बात भी कही। डीएम ने शासन स्तर पर उनकी मांगें पहुंचाने का आश्वासन दिया। तब कहीं जाकर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का आक्रोश शांत हुआ।

जिले का फोर्स बना रहा मूक दर्शक
मैनपुरी। कलक्ट्रेट में आंगनबाड़ी कार्यकत्री जब एडीएम कार्यालय पर तालाबंदी कर रही थीं तब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा जिले का फोर्स मौके पर मौजूद था। लेकिन सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के सामने असहाय नजर आए। यही कारण रहा कि एडीएम कार्यालय में तालाबंदी के दौरान उन्हें कोई खास मेहनत नहीं करनी पड़ी। हालांकि डीएम कार्यालय के सामने जरूर पुलिस ने उन्हें रोक दिया।

सहायिका की मौत के बाद फूटा गुस्सा
मैनपुरी। रविवार देर रात आंगनबाड़ी सहायिका की मौत के बाद कार्यकत्रियों का गुस्सा फूट पड़ा। उनका कहना था कि एक माह से चल रहे आंदोलन के बाद भी अधिकारी कोई निर्णय नहीं ले रहे हैं। आंदोलन समाप्त करने के लिए उन्हें धमकी मिल रही है।  
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