गुरुवार को जिले में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के तूफानी दौरे के बीच भी समाजवादी पार्टी दो फाड़ दिखी। दो माह पहले पार्टी नेताओं के दिलों में पैदा हुई कसक इस दौरे में खुलकर सामने आ गई। कोसमा की सभा में जहां मंच पर सिर्फ पार्टी प्रत्याशी और शिवपाल गुट के नेता ही दिखे। जबकि, रामगोपाल यादव गुट के नेताओं ने मंच ही नहीं पूरी सभा से दूरी बनाए रखी। वहीं, कुरावली में हुई सभा में रामगोपाल और उनके गुट के सभी नेता मंच पर दिखे। इसके चलते चुनाव से ठीक पहले पार्टी में फिर भितरघात का खतरा उत्पन्न हो गया है।
मुख्यमंत्री की कोसमा चौराहे पर हुई सभा में पार्टी प्रत्याशी सोबरन सिंह के अलावा मंच पर सुभाष यादव, बाबू दर्शन सिंह, जिला पंचायत प्रतिनिधि अनुजेश प्रताप सिंह यादव आदि मौजूद थे। लेकिन रामगोपाल यादव व उनके भांजे अरविंद यादव समेत उस गुट का कोइ नेता मंच पर नहीं दिखा। अरविंद यादव करहल में ही रहते हैं। विदित रहे कि शिवपाल सिंह यादव ने ही सोबरन को टिकट दिया था। उसके बाद अखिलेश ने उनका टिकट काट दिया था। मुलायम सिंह यादव के दबाव के बाद पुन: सोबरन को टिकट दे दिया गया। इसके बाद अखिलेश जैसे ही कुरावली पहुंचे तो वहां मंच पर रामगोपाल यादव, एमएलसी अरविंद यादव समेत उनके गुट के सभी नेता मौजूद थे। इसको देख पार्टी नेताओं में दिनभर चर्चा होती रहीं।