जिला कारागार से मंगलवार को दीवानी पेशी पर आए बंदी की मौत हो गई। घटना से गुस्साए बंदियों ने पुलिसकर्मियों से हाथापाई की और हवालात तोड़ने की कोशिश की। इसकी जानकारी मिलते ही कई थानों की फोर्स और पीएसी मौके पर पहुंच गई। परिवारीजनों ने बंदी की मौत पुलिस कर्मियों की पिटाई से होने का आरोप लगाते हुए शाम को ईशन नदी पुल पर जाम लगा दिया। मामले में एक सिपाही रिंकू के खिलाफ हत्या और अनुसूचित जाति एवं जनजाति उत्पीड़न निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
मृतक बंदी बिरजू (29) कोतवाली क्षेत्र की गिहार कालोनी का रहने वाला था। उसे पुलिस ने एक वर्ष पूर्व मोर मारने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उस पर थाने में करीब 12 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। इनमें डकैती और गैंगेस्टर के मामले भी शामिल हैं। मंगलवार को वह एडीजी पंचम की कोर्ट में गैंगेस्टर के मामले में पेशी पर आया था। वहां पेट दर्द होने के बाद पुलिस कर्मियों ने उसे हवालात के बाहर लिटा दिया। बताते हैं कि दोपहर करीब 1:45 बजे उसकी मौत हो गई। इससे गुस्साए बंदियों ने हवालात में हंगामा करना शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस कर्मियों से खींचतान और हवालात को तोड़ने की कोशिश की। पुलिस ने आनन-फानन में शव को वहां से हटा दिया। हवालात में बंदी की मौत और हंगामे की सूचना मिलते ही एडीएम राकेश मालपाणी और एएसपी दिगंबर कुशवाह कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। बंदियों से बात कर घटना की जानकारी जुटाई। मृतक की नानी का आरोप था कि पुलिस कर्मियों से जब बिरजू ने पानी मांगा तो उन्हाेंने उसका सिर दीवार में मार दिया। हालत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती नहीं कराया। कैदियों का कहना था कि पुलिस की लापरवाही से ही बिरजू की जान गई है। एएसपी का कहना है कि मौत का कारण जानने के लिए शव का पोस्टमार्टम कराया गया है, इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं बिरजू की मौत से गुस्साए परिवारीजनों ने शाम करीब 4:30 बजे ईशन नदी पुल पर जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही थाने की फोर्स वहां पहुंच गई।