लेखपाल सहित नौ को जेल से रिहा कराने की तैयारी
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भगवंतपुर प्रकरण में पुलिस ने अब आरोपियों को जेल से रिहा कराने की तैयारी शुरू कर दी है। लेखपालों और वकीलों के दबाव के चलते प्रशासन बैकफुट पर आ गया है। इस प्रकरण में जेल में लेखपाल सहित बंद नौ लोगों को रिहा कराने की तैयारी कर रही है।
औंछा के गांव भगवंतपुर में मतदान के दिन 19 फरवरी को हुए बवाल के बाद पुलिस ने वकील जगपाल, लेखपाल उदयवीर सहित 10 लोगों को 20 फरवरी को कोर्ट में पेश किया। जगपाल की उसी दिन जमानत हो गई। लेखपाल सहित नौ लोगों को जेल भेज दिया गया। लेखपाल के जेल जाने और दबिश के नाम पर पुलिस के उत्पात के बाद वकील और लेखपाल आंदोलन की राह पर हैं। वकील जगपाल ने एसडीएम घिरोर, थानाध्यक्ष औंछा, घिरोर सहित पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है। सीएम आफिस ने भी पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। लेखपाल संघ एसडीएम सहित दोषियों के निलंबन की मांग पर अड़ा हुआ है। वकील भी 26 फरवरी तक का प्रशासन को अल्टीमेटम दे चुके हैं।
डीएम चंद्रपाल सिंह ने पूरे मामले की जांच एडीएम एके श्रीवास्तव तथा एएसपी शिष्यपाल सिंह को सौंपी है। थाना औंछा में दर्ज की गई रिपोर्ट की विवेचना कोतवाली पुलिस को सौंपी गई है। शनिवार को एडीएम तथा एएसपी ने भगवंतपुर पहुंचकर पीड़ितों से जानकारी जुटाई। घायलों ने चोटों के निशान तथा पुलिस द्वारा की गई तोड़फोड़ भी दिखाई। दबाव के चलते बैकफुट पर आए अधिकारियों ने गांव में घर घर जाकर जांच की। जेल में बंद लेखपाल सहित नौ लोगों को पुलिस ने जेल से रिहा कराने की तैयारी शुरू कर दी है। संवेदना फाउंडेशन के अध्यक्ष धर्मवीर राही ने भी गांव पहुंचकर पीड़ितों से हालचाल पूंछा। उनके संघर्ष में संगठन की ओर से हर संभव मदद करने का भरोसा दिया है।
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धारा 169 के तहत होगी कार्रवाई
आरोपियों को जेल से रिहा कराने के लिए पुलिस सीआरपीसी की धारा 169 के तहत रिपोर्ट देगी। इस धारा के तहत पुलिस जांच में दर्ज की गई रिपोर्ट को झूठा पाकर जांच रिपोर्ट कोर्ट में भेजती है। संबंधित अपराध में आरोपी जेल में हैं तो उनको जेल से रिहा करने की संस्तुति करती है। पुलिस रिपोर्ट कोर्ट में आने के बाद आरोपियों को निजी मुचलका पर छोड़ दिया जाता है।
भगवंतपुर मामले की जांच कोतवाली से कराई जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उन्हीं के अनुरूप कार्रवाई होगी। किसी भी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
सुनील कुमार सक्सेना, पुलिस अधीक्षक