करहल क्षेत्र में हुए चौहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी अब्बा की जान को खतरा देखते हुए शासन ने उसे फीरोजाबाद जेल शिफ्ट किया है। बता दें कि हत्याकांड के बाद फरार चल रहे आरोपी राकेश उर्फ अब्बा को एसटीएफ ने कुरावली क्षेत्र से मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था, तभी से वह जिला जेल में ही बंद है।
असरोही चौराहे के निकट 20 सितंबर 2014 को दिनदहाड़े नीरज यादव, सुशील यादव, सोनू यादव सहित ठेका देसी शराब के सेल्समैन अखिलेश यादव की हत्या की गई थी। प्रधानी की रंजिश के चलते हुए इस हत्याकांड को थाना करहल के नगला खुशाल निवासी राकेश उर्फ अब्बा ने अपने साथियों की मदद से अंजाम दिया था। हत्याकांड के बाद से ही वह फरार चल रहा था। उसे पकड़ने के लिए गठित की गई टीमें छापेमारी करती रहीं मगर उनके हाथ अब्बा नहीं लगा। बाद में एसटीएफ टीम ने कुरावली क्षेत्र में मुठभेड़ के बाद उसे पकड़ा था।
अब्बा के जेल जाने के बाद उसका विरोधी गुट उसे ठिकाने लगाने की फिराक में लग गया। यही वजह रही कि अब्बा को जेल से पेशी पर कोर्ट लाने ले जाने के लिए पुलिस के साथ ही क्राइम ब्रांच को लगाया जाता था। स्थानीय एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद उसकी सुरक्षा को देखते हुए शासन ने उसे फीरोजाबाद जेल में शिफ्ट कर दिया है। जेलर सुरेश मिश्रा का कहना कि अब्बा को प्रशासनिक आधार पर दूसरी जेल में भेजा गया है।
डकैती कोर्ट में किया गया तलब
स्पेशल जज डकैती कोर्ट में चल रहे वर्ष 2014 के एक लूट तथा चोरी की बाइकें बरामद होने के मुकदमे में अब्बा मुख्य आरोपी है। उसके मुकदमे की सुनवाई के लिए 16 जनवरी की तारीख तय है। अब्बा के वकील कौशल यादव के प्रार्थनापत्र पर स्पेशल जज लालचंद्र ने अब्बा को फीरोजाबाद जेल से तलब किया है।