उपभोक्ताओं को नियमित बिजली आपूर्ति देने के लिए विभाग ने बिजली चोरी रोकने का निर्णय लिया है। बकाया वसूली के लिए शासन ने सक्रिय योजना लागू की है। योजना के तहत समय सीमा के अंदर बिल जमा करने पर अधिभार माफ किया जाएगा।
अधीक्षण अभियंता एके श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में आईपीडीएस योजना के तहत चार नंबर तथा 145 नंबर पावर परिवर्तकों की क्षमता वृद्धि की जाएगी। 85 किलोमीटर केबल बदलने के साथ ही 68 किलोमीटर की केबल और बदली जाएगी। दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत 14 नंबर पावर परिवर्तकों की क्षमता वृद्धि, एक फीडर पर 30 प्रतिशत से ज्यादा निजी नलकूप उपभोक्ता वाले क्षेत्र में फीडर अलग होगा। 36 नंबर फीडर का चयन कर इसकेे लिए 9000 खंभे लगाए जा चुके हैं। बिजली चोरी की वजह से लाइन लॉस हो रहा है। शहरी क्षेत्र में 30 प्रतिशत तथा ग्रामीण क्षेत्र में 36 प्रतिशत लाइन लॉस हो रहा है। शहरी क्षेत्र में 52 तथा देहात में 48 प्रतिशत उपभोक्ता ही बिल जमा कर रहे हैं। सरकार ने बकाया बिल वसूल करने के लिए सक्रिय योजना लागू की है।
योजना के तहत 30 मई तक शहरी क्षेत्र के उपभोक्ता और निजी नलकूप मालिक, 15 जून तक देहात क्षेत्र के उपभोक्ता और निजी नलकूप मालिक, 15 मई तक लघु और मध्यम उद्योग मालिक के बिल जमा करने पर शत प्रतिशत अधिभार माफ किया जाएगा।
विद्युत विभाग में होने वाले कार्य
योजना चयनित गांव विद्युतीकृत ऊर्जीकृत
11वीं योजना 614 462 235
12वीं योजना 1358 460 346
14 स्थानों पर लगेंगे पावर ट्रांसफार्मर
मैनपुरी (ब्यूरो)। बिजली आपूर्ति नियमित करने के लिए शहर में अंडर ग्राउंड केबलिंग कराई जा रही है। आश्रम रोड पर अंडर ग्राउंड केबलिंग के लिए जगह नहीं होने से काम बाधित हो रहा है। अंडर ग्राउंड केबलिंग से दैवी आपदा में भी उपभोक्ता परेशान नहीं होंगे।
पावर हाउस स्थित कार्यालय में अधीक्षण अभियंता एके श्रीवास्तव ने पत्रकारों को बताया दीनदयाल योजना के तहत 14 स्थानों पर पावर ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। कई ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि की जाएगी। देहात में शाम सात बजे से सुबह पांच बजे तक विद्युत आपूर्ति की जाएगी। आग से मौत तथा फसल में नुकसान पर एक सप्ताह में मुआवजा दिया जाएगा।
सरकारी विभागों पर बकाया
विभाग बकाया राशि
पुलिस 195.25 लाख
शिक्षा 138.06 लाख
सिंचाई 75.75 लाख
खाद्य एवं रसद 56.98 लाख
स्वास्थ्य 56.06 लाख
प्राविधिक शिक्षा 53.18 लाख
कृषि विपणन 40.05 लाख
जिला प्रशासन 36.80 लाख
कारागार 35.00 लाख
लोक निर्माण 28.91 लाख