कोल्ड स्टोरेज के बाहर खड़े ट्रैक्टर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सब्जी के राजा कहे जाने वाले आलू की लगातार गिरती कीमतों ने किसानों के चेहरे का रंग उड़ा दिया है। एक सप्ताह में ही आलू का भाव आधे से भी अधिक गिर गया है।
जिले में इस बार आलू की बंपर पैदावार हुई है। कृषि विभाग के अनुसार लगभग 20 हजार हैक्टेयर में पांच लाख टन जिले में आलू की पैदावार किसानों ने की है। लगभग 85 प्रतिशत किसान अपने खेतों से
आलू की खोदाई कर भी चुके हैं। आलू भंडारण के लिए कोल्ड स्टोरेज में वाहनों की लाइन लग रही हैं। जिले के 35 कोल्ड स्टोरों में आलू का भंडारण करने के लिए किसान रोज पहुंच रहे हैं। फुटकर बाजार में एक सप्ताह पूर्व 20 रुपये में चार किलो के भाव से बिक रहा आलू एक सप्ताह बाद 10 रुपये में तीन किलो के भाव पर आ गया है। आलू के भाव में तेजी से आई गिरावट से किसान परेशान हैं। मंडी बंद होने से किसान खुले बाजार में सस्ते दामों पर आलू बेचने को मजबूर है।
नगला देवी निवासी किसान भीमसेन का कहना है उनके 15 बीघा खेत में इस बार आलू की बहुत अच्छी पैदावार हुई है। उन्होंने आलू भंडारण के बाद जब आलू बेचने की सोची तो मंडी बंद होने से खुले बाजार में बेचने की मजबूरी के चलते सस्ते दामों पर आलू बेच रहे हैं। राजपुर निवासी किसान राजेंद्र सिंह का कहना है जब सभी उत्पाद की कीमत कंपनी मालिक तय करते हैं तो किसान को भी अपनी पैदावार की कीमत तय करने का अधिकार मिलना ही चाहिए। किसान को तो हर फसल में किसी न किसी तरह नुकसान ही होता है।
गणेशपुर निवासी किसान ग्रीशचंद्र का कहना है फुटकर बाजार में आलू की कीमतों में एक सप्ताह में ही भारी गिरावट आई है। एक सप्ताह पहले 20 रुपये में चार किलो के भाव से बिकने वाला आलू एक सप्ताह बाद 10 रुपये में तीन किलो के भाव से बिक रहा है। अंजनी निवासी किसान राजेंद्र कुमार का कहना है आलू की बंपर पैदावार से ही आलू के भाव तेजी से गिरे हैं। कोल्ड स्टोर में भी आलू के भंडारण के दाम बढ़ गए हैं। आलू के भाव गिरने से किसानों के चेहरे का रंग उड़ने लगा है। किसान हर फसल में किसी न किसी तरह से छला ही जाता है।