फोटो22 गांव जींगन स्थित झोपड़ी में आग लगने के बाद मौके पर एकत्रित ग्रामीण। संवाद
कुरावली। थाना क्षेत्र के गांव जींगन में सोमवार देर रात एक पशुपालक की झोपड़ी में आग लग गई। जानकारी होने के बाद युवक ने झोपड़ी के बाहर बंधे पशुओं को बचाने का प्रयास किया, इस दौरान वह झुलस गया। सूचना पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू किया। आग में 18 बकरियों की जल कर मौत हो चुकी थी। घरेलू सामान भी जल गया।
गांव जींगन निवासी गोविंद बकरी पालन करके परिवार सहित झोपड़ी में रह कर गुजर बसर कर रहा था। सोमवार शाम को गोविंद खाना खाकर पिता की अस्थियां लेने के लिए श्मशान घाट चला गया था। बड़ा भाई शिशुपाल घर पर था। देर रात करीब 10:30 बजे अचानक झोपड़ी से आग की लपटें उठतीं देख ग्रामीणों में खलबली मच गई। कुछ ही देर में आग लपटों ने झोपड़ी को चारों ओर से घेर लिया। लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, मगर काबू नहीं पा सके। सूचना मिलने के बाद यूपी 112 और दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मगर तब तक झोपड़ी के बाहर बंधी 18 बकरियां जल कर मर चुकीं थीं, घरेलू सामान भी जल गया। पशुओं को बचाने के प्रयास में शिशुपाल भी झुलस गया। पुलिस झोपड़ी में आग लगने के कारण का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
चूल्हे की चिंगारी से आग लगने की आशंका
गांव जींगन निवासी गोविंद के घर में आग किस कारण से लगी, इसको लेकर पुलिस जांच कर रही है। मगर, ग्रामीणों में चर्चा है कि आग चूल्हे की चिंगारी की वजह से लगी है। खाना बनाने के बाद चूल्हे की आग बुझी नहीं थी, संभवत: यही हादसे की वजह रही होगी।
आर्थिक मदद की उम्मीद में परिवार
झोपड़ी में लगी आग में गोविंद की 18 बकरियां जल कर मर गईं। यह बकरियां उसके परिवार का भरण पोषण में सहायक थीं, परिवार की हालत बेहद दयनीय है। हादसे के बाद परिवार अब प्रशासन से सहायता की उम्मीद लगाए बैठा है।