औंछा। च्यवन ऋषि मंदिर के समीप अजोम कुंड का जलस्तर कम होने से एक बार फिर मछलियां मरना शुरू हो गई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार मांग के बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों ने पानी भरने के लिए सबमर्सिबल पंप नहीं लगवाया। मंदिर की आय प्रशासन के हाथ में है फिर भी प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
बताते चलें कि तीन साल पूर्व भी अजोम कुंड का जलस्तर काफी कम रह जाने से हजारों की संख्या में मछलियां मर गई थीं। पिछले वर्ष भी काफी मछलियां मरी थीं। ग्राम प्रधान सुरेंद्र देव ने बताया कि मंदिर पर चढ़ावे का पैसा प्रशासन के पास है। प्रशासन ने तहसीलदार को मंदिर का रिसीवर नियुक्त कर रखा है। पूर्व में मंदिर प्रबंध समिति कुंड और मंदिर के रखरखाव की व्यवस्था देखती थी लेकिन तहसीलदार को रिसीवर बनाए जाने के बाद से स्थिति बेहद खराब हो गई है। ग्राम पंचायत ने तीन माह पूर्व प्रस्ताव पारित कर प्रशासन से अजोम कुंड में पानी भरवाने के लिए सबमर्सिबल पंप लगवाने की मांग की थी।
ग्रामीण अशोक यादव ने बताया कि अजोम कुंड में बमुश्किल दो-ढाई फीट पानी रह गया है, जिससे मछलियां मरना शुरू हो गई हैं। सियार और कुत्ते कुंड में घुसकर मछलियों का शिकार कर रहे हैं। कुंड की ऐसी हालत देख ग्रामीणों में असंतोष है। ग्रामीण शुभकांत यादव का कहना है कि सर्दियों में अजोम कुंड में हजारों की संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं लेकिन जब पानी ही नहीं होगा तो पक्षी भी नहीं आएंगे। संजीव मिश्रा ने बताया कि पानी कम होने से बतखों ने भी कुंड को छोड़ दिया है। अमित कुमार, रनसिंह, संतोष कुमार आदि ने जल्द ही कुंड में पानी भरवाने की व्यवस्था करने की मांग की है। इस बारे में तहसीलदार का कहना है कि एसडीएम की अनुमति के बिना सबमर्सिबल पंप नहीं लगवाई जा सकती।
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दो सबमर्सिबल पंप पहले से लगे हुए हैं। यदि उनमें कोई खराबी है तो दिखवाया जाएगा। कुंड में पानी भरने की व्यवस्था की जाएगी।
- एसएन यादव, एसडीएम सदर