मैनपुरी। शहर में सुबह करीब नौ बजे हुई बारिश से तापमान में कमी आ गई। बारिश भी केवल शहरी क्षेत्र में ही हुई। देहातों में मेघा छाए तो लेकिन बिन बरसे ही बादल उड़ गए। दोपहर बाद आसमान साफ होने से एक बार फिर लोगों को उमस भरी गर्मी की समस्या से दो-चार होना पड़ा। झमाझम बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। बारिश के अभाव में खरीफ की फसलों की बुवाई लटकी हुई है।
बुधवार सुबह आसमान में काली घटाएं छा गईं। मौसम के रुख को देखकर झमाझम बारिश की उम्मीद थी लेकिन केवल शहर में ही मेघा बरसे। करीब 10 मिनट तक हुई तेज बारिश और हवाओं ने गर्मी से राहत दी लेकिन यह राहत बहुत देर तक नहीं रही। दोपहर में आसमान साफ हो गया और चटख धूप निकलने से एक बार फिर उमस भरी गर्मी हो गई। अचानक आई बारिश से सड़कों पर चल लोगों में भगदड़ मच गई। लोग भीगने से बचने के लिए इधर-उधर भाग लिए।
उधर, कस्बों और देहात में बूंद तक नहीं पड़ी। अब तक बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ती ही जा रही है। बारिश के अभाव में जायद के बाद खरीफ की फसल पर भी संकट के बादल गहराते नजर आ रहे हैं। किसान अतर सिंह शाक्य का कहना था कि जून भी समाप्ति की ओर है और अब तक एक बार भी तेज बारिश नहीं हुई है। ऐसे में धान समेत खरीफ की अन्य फसलें भी चौपट होती दिख रही हैं।