बेवर(मैनपुरी)। रातोरात अमीर बनने की चाह में गड़ा धन पाने का लोभ। इसी के चलते यहां एक बालक की बलि देने का प्रयास किया गया। शुक्र यह कि वहां बकरी चराते बच्चे आ गए और उन्होंने शोर मचाना शुरू किया तो उसकी जान बची। बालक की हालत और घटनास्थल पर मिली सामग्री से भी तंात्रिक क्रिया किए जाने के संकेत मिले। पुलिस ने इसी आशय की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों के घर दबिश भी दी। घटना शनिवार की है लेकिन मंगलवार को रिपोर्ट दर्ज होने के बाद आम हुई।
तिलियानी निवासी विश्राम सिंह वाल्मीकि का बेटा सूरज (4) शनिवार सुबह करीब दस बजे घर के बाहर खेल रहा था। तभी गांव का ओमप्रकाश शाक्य वहां आया। मधुपुरी निवासी तांत्रिक झब्बू खां भी साथ था। वे रुपये का लालच देकर सूरज को अपने साथ खेत पर ले गए। वहां पूजा के बाद सूरज को गड्ढे में खड़ा कर दोनों ने उसे सिंदूर का तिलक लगाया। वे उसके बाल काट कर बलि देने की तैयारी कर ही रहे थे कि बकरी चराते गांव के कुछ बच्चे वहां आ गए। इन बच्चों में सूरज की बड़ी बहन पिंकी भी थी। भाई को अजब हाल में गड्ढे में खड़ा देखा तो वह उसे घर ले जाने पर अड़ गई। ओमप्रकाश ने डांटा तो बच्चे शोर मचाने लगे। कुछ गांव की ओर दौड़े तो झब्बू खां और ओमप्रकाश सूरज को छोड़कर भाग खड़े हुए। विश्राम और पड़ोस के लोग आए तो वहां अगरबत्ती, सिंदूर, नीबू और तंत्रक्रिया में प्रयोग आने वाला सामान पड़ा पाया।
विश्राम ने मंगलवार को बीलपुर के पूर्व प्रधान नवीन यादव को घटना की जानकारी दी। बताया कि कुछ दिन पूर्व ओमप्रकाश ने जमीन में गड़ा धन पाने के लिए किसी बच्चे की बलि देने की चर्चा भी की थी। पूर्व प्रधान की सूचना पर थानाध्यक्ष अनिल यादव ने गांव आकर सूरज से पूछताछ की। विश्राम की तहरीर पर झब्बू खां और ओम प्रकाश शाक्य के खिलाफ बलि देने के प्रयास करने की रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने घर पर दबिश भी दी लेकिन आरोपी नहीं मिले। सीओ भोगांव आरएन कुशवाह ने बताया कि जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा।