मैनपुरी। करवाचौथ पर्व पर सजने संवरने के लिए महिलाएं पूरे दिन तैयारियों में जुटी रहीं। जहां महिलाओं ने बाजारों में चूड़ी, साड़ियों और सौंदर्य प्रसाधनों की खरीदारी की, वहीं तमाम घरों में महिलाएं हाथों में मेहंदी रचाने में व्यस्त रहीं। हर एक महिला अपने को सजाने संवारने में जुटी रही।
अखंड सौभाग्य, प्रेम और समर्पण का प्रतीक करवाचौथ पर्व मंगलवार को मनाया जाएगा। करवाचौथ की पूर्व संध्या पर बाजारों में महिलाओं की खासी भीड़ रही। चूड़ी की दुकान हो अथवा सौंदर्य प्रसाधन की, सभी पर पूरे दिन खरीदारी होती रही। यही हाल वस्त्र भंडार और ब्यूटीपार्लरों का रहा। सदर बाजार, बजाजा बाजार, लेनगंज में खरीदारों की भीड़ के चलते पूरे दिन जाम जैसे हालात नजर आए। करवाचौथ को लेकर महिलाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। विवाहिताओं के सजने संवरने का क्रम ब्यूटी पार्लरों के अलावा घरों पर भी जारी रहा। करवाचौथ की पूर्व संध्या पर महिलाओं ने हथेलियों में आकर्षक मेहंदी रचाई। मेहंदी रचाने वाली महिलाओं की भी खूब मांग रही। स्वर्ण आभूषणों की दुकानों पर भी महिलाओं ने खूब खरीदारी की।
--------
पुरुषों ने की उपहारों की खरीदारी
करवाचौथ पर अपनी पत्नी को उपहार देने के लिए पुरुषों ने उपहार खरीदे। सोने पर आई महंगाई के कारण कम वजन के रेडीमेड आभूषणों की मांग अधिक रही। सर्राफा व्यवसायी आशीष वर्मा ने बताया कि मंगल सूत्र की मांग अधिक रही। वहीं लहंगा-चुन्नी और साड़ियां भी गिफ्ट में देने के लिए खरीदी गईं।
-------------
‘सजना है मुझे सजना के लिए’
करहल (ब्यूरो)। ‘सजना है मुझे सजना के लिए’ यह फिल्मी गीत की पंक्तियां मंगलवार को नगर के ब्यूटी पार्लरों पर खूब गुनगुनाई गईं। ब्यूटी पार्लरों एवं चूड़ी विक्रेताओं के यहां सुबह से शाम तक भीड़ रही। हिंदू धर्म में करवाचौथ व्रत को महिलाएं विशेष प्राथमिकता देती हैं। इस दिन महिलाएं पति की दीर्घायु के लिए पूरे दिन निर्जल व्रत रखती हैं। देरशाम चंद्र दर्शन और पति की पूजा के बाद व्रत तोड़ा जाता है। नगर के चंदेल मार्केट, थाना रोड, पड़ाव, अरिहंत मार्केट आदि स्थानों पर ब्यूटी पार्लरों में सजने संवरने के लिए महिलाओं की भीड़ रही। भीड़ को देखते हुए चूड़ी विक्रेताओं ने दुकानों पर चूड़ी पहनाने वाले अतिरिक्त लड़कों को रखा था। करवाचौथ को लेकर विवाहिताओं में खासा उत्साह था। विवाहिता सुषमा का कहना था कि उसका पहला करवाचौथ है ऐसे में वह सजने संवरने में कोई कोताही नहीं बरतना चाहतीं।