मैनपुरी। विवादों से घिरी स्वाट और इंटेलीजेंस टीम को एसपी ने भंग कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने टीम प्रभारियों सहित आठ सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया है।
अपराधियों को दबोचने के लिए जिले में पहली बार क्राइम ब्रांच गठित की गई थी। क्राइम ब्रांच की इंटेलीजेंस टीम का प्रभारी बैनीमाधव त्रिपाठी और स्वाट टीम का प्रभारी विनोद कुमार सिंह को बनाया गया था। दोनों टीमों में चार-चार सिपाही शामिल किए गए थे। अपराध का खुलासा करने के साथ ही कई इनामी अपराधी भी स्वाट और इंटेलीजेंस टीम प्रभारी ने दबोच कर जेल भेजे थे।
पिछले एक माह से दोनों टीमें विवादों के घेरे में आई थीं। एसपी श्रीकांत सिंह ने शनिवार की रात दोनों टीमों को भंग कर दिया। इसके साथ ही टीम प्रभारियों के अलावा आठ सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया। सूत्रों की माने तो दोनों टीमों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगने लगे थे। पिछले माह घड़ी लूटकांड की बरामदगी के बाद दोनों टीमों पर सवालिया निशान लगे थे। माना जा रहा है कि भ्रष्टाचार के आरोप और घड़ियों की बरामदगी के बाद विवादों में आई टीम को भंग किया गया है। एसपी ने बताया कि कर्तव्य पालन में शिथिलता और लापरवाही बरतने पर दोनों टीमों को भंग किया गया है। शीघ्र ही इंटेलीजेंस और स्वाट की नई टीम गठित की जाएगी।