मैनपुरी/करहल/भोगांव। पर्यूषण पर्व के समापन अवसर पर पंचामृत अभिषेक कार्यक्रम के तहत रविवार को नगर के जैन मंदिरों में तीर्थंकर भगवान का जलाभिषेक किया गया। पंचामृत अभिषेक के तहत धाराएं डाली गईं। कार्यक्रम में भाग लेने के लिए जैन समाज के लोग उमड़ पड़े। क्षमावाणी पर्व मनाते हुए वर्ष भर में जाने-अनजाने में हुई गलतियों की एक दूसरे से क्षमा याचना की।
बिसातखाने स्थित श्री महावीर जिनालय में भगवान शांतिनाथ भगवान की पूजा अर्चना कर धाराएं डाली गईं। तीर्थंकर भगवान का जलाभिषेक कर पंचामृत अभिषेक किया गया। करहल रोड स्थित श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में क्षमा वाणी पर्व मनाया गया। प्रकाश चंद्र जैन दादा ने कहा कि दसलक्षण पर्व के दौरान आया क्षमावाणी पर्व हमें जीवन में की गई गलतियों के लिए क्षमा मांगने को प्रेरित करता है। प्रत्येक मनुष्य को इस पर्व से प्रेरणा लेनी चाहिए। पं. शिवचरनलाल जैन ने कहा कि जैन दर्शन पूरी तरह वैज्ञानिक और मानवीय मूल्यों पर आधारित है जिसमें उत्तम क्षमा से लेकर उत्तम बह्मचर्य तक आर्य परंपरागत धर्म के दसलक्षणों को परिपालन बताया गया है। कार्यक्रम में संजय जैन, डा. एके जैन, पं. अनंत कुमार जैन, आदेश जैन, जौली जैन, सुशील जैन आदि थे। कटरा स्थित श्री अजितनाथ जिनालय में जलाभिषेक किया गया। भगवान श्री का अभिषेक कर जलधाराएं चढ़ाई गईं।
करहल के नसिया जी मंदिर पर तीर्थंकर भगवान के अभिषेक के साथ धाराएं डाली गईं। क्षमावाणी पर्व मनाकर जैन समाज के लोगों ने एक-दूसरे के पैर छूकर वर्ष भर की गई गलतियों के लिए क्षमा याचना की। अशोक रईस के चैत्यालय, रपरियान जैन मंदिर, हलवाइयान जैन मंदिर, संघईयान मंदिर, श्री पार्श्वनाथ मंदिर, श्री आदिनाथ जिनालय, श्री नेमनाथ जिनालय, चंद्रप्रभु जिनालय पर धाराएं डाली गईं। महिलाओं और पुरुषों ने एक दूसरे के गले मिल कर और पैर छूकर वर्ष भर जाने-अनजाने में की गई गलतियों के लिए क्षमा याचना की।
भोगांव के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में जैन समाज के लोगाें ने अभिषेक कर धाराएं डालीं और एक दूसरे के गले लगकर और पैर छूकर गलतियों के लिए क्षमा मांगी। इस मौके पर डा. स्वरूप किशोर जैन, जयप्रकाश जैन, नलिन कुमार जैन, जयगुप्त जैन, मनोज जैन, मनीष जैन, राहुल जैन, प्रवीण जैन, अर्पित जैन, सुनील जैन आदि मौजूद थे।