नगर पालिका क्षेत्र में लोगों की प्यास बुझाने के लिए 37.12 करोड़ की लागत से अटल मिशन के तहत मैनपुरी पेयजल पुनर्गठन योजना तैयार की गई है। शहर के वंचित इलाके चिन्हित कर चार जलाशय, नौ नए नलकूप बनाए जाएंगे। 89 किमी लंबी पाइप लाइन बिछाए जाने की योजना बनाई गई है।
शहर के कई इलाके पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं। पेयजल सुविधा के लिए दशकों पूर्व बिछाई गई पाइप लाइनें जर्जर हो चुकी हैं। अटल मिशन के तहत बनी योजना पर जल निगम द्वारा नगर क्षेत्र में चार नए जलाशय, नौ नलकूप लगाए जाने के साथ ही तीन नलकूप रीबोर किए जाएंगे। पेयजल सुविधा के लिए नगर क्षेत्र में 89 किमी लंबी पाइप लाइन बिछाई जाएगी। वंचित क्षेत्रों में वर्ष 2018 तक पेयजल सुविधा दिलाने का लक्ष्य तय किया गया है।
नौ जोन में बांटा गया शहर
नगर को नौ जोन में बांटा गया है। पहले जोन में किला, दूसरे में राजा का बाग, तीसरे में पंजाबी कालोनी, चौथे में आवास विकास, पांचवें में अवधनगर, छठवें में करहल चौराहा, सातवें में महमूदनगर, आठवें में आठवें में सिविल लाइन तथा नवें में मिशन कंपाउंड को शामिल किया गया है।
दो फेस में होगा काम
पेयजल योजना के तहत दो फेस में काम होगा। पहले फेस में करहल चौराहा, महमूदनगर, मिशन कंपाउंड, दूसरे फेस में किला, राजा का बाग, पंजाबी कालोनी, अवधनगर, सिविल लाइन को शामिल किया गया है।
महमूदनगर में नहीं पाइप लाइन
महमूदनगर में आज तक पाइप लाइन ही नहीं बिछाई गई है। मोहल्ले के लोग हैंडपंपों तथा सबमर्सिबल का सहारा लेने को मजबूर हैं। पुरानी मैनपुरी, छपट्टी, करहल रोड पर पुरानी बस्तियों में बिछी पाइप लाइन जर्जर हो चुकी हैं।
शहर में बनेंगे नौ हाईड्रेंट प्वाइंट
पेयजल योजना के तहत शहर में बनाए गए नौ जोन में नौ हाईड्रेंट प्वाइंट भी बनाए जाएंगे। दैवीय आपदा से निपटने के लिए हाईड्रेंट प्वाइंट बनाकर उनको चालू कराया जाएगा। काम शुरू कराने के लिए टेंडर उठाए जाएंगे।
नलकूप लगाने को जगह चिन्हित
नलकूप लगाने के लिए तालफ्री स्कूल, ताल दरवाजा, बीएसए कार्यालय परिसर, आवास विकास सेक्टर पांच, सामुदायिक केंद्र अवधनगर, श्रंगारनगर पार्क, महमूदनगर कब्रिस्तान, छपट्टी फ्री स्कूल परिसर में जगह चिन्हित कर जल निगम को सूची भेजी है।
मैनपुरी पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत वंचित क्षेत्रों को पेयजल सुविधा मुहैया कराया जाएगा। योजना का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है। नगर पालिका द्वारा दी गई जानकारियों का सत्यापन भी करा लिया गया है।
- कुलदीप प्रजापति, सहायक अभियंता, जल निगम