किशनी। मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट हरियाली का डीएम चंद्रपाल सिंह ने निरीक्षण कर दो वर्षों में केवल 30 फीसदी पौधे ही सही मिलने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट की हालत देखकर लगता है कि प्रोजेक्ट पर ध्यान नहीं दिया गया। डीएम ने जिला वन अधिकारी को निर्देश दिए कि प्रोजेक्ट में और पौधे रोपे जाएं। पौधों की सुरक्षा और देखभाल के पर्याप्त प्रबंध किए जाएं।
शनिवार को डीएम बसैत मार्ग पर हरियाली प्रोजेक्ट के निरीक्षण के लिए पहुंचे। 25 मार्च 2013 को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 40 हेक्टेयर भूमि पर पौधा रोपण कर हरियाली प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया था। डीएम ने आठ ब्लाक में बांटे गए हरियाली प्रोजेक्ट का पैदल चलकर निरीक्षण किया। सूखे पौधों को देख नाराजगी जताई और कहा कि सूख चुके पौधों के स्थान पर जल्द नए पौधे रोपे जाएं। प्रोजेक्ट को पूरी तरह हरा-भरा बनाना है। इसके लिए बजट की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी।
उन्होंने डीएफओ संजीव कुमार से कहा कि पौधा रोपण के लिए जो भी गड्ढे खोदे जा रहे हैं उनमें सिर्फ जिप्सम ही न डाली जाए। गड्ढों में उपजाऊ मिट्टी भी डलवाई जाए। ताकि पौधे ठीक से जड़ पकड सकें। डीएम ने प्रोजेक्ट के चारों ओर बनाई गई सुरक्षा खाई का भी अवलोकन किया और कहा कि इतनी कम गहराई से तो छोटा सा जानवर भी प्रोजेक्ट के अंदर प्रवेश कर जाएगा। इस सुरक्षा खाई से नील गाय और आवारा गायों को नहीं रोका जा सकता। खाई को और गहरा कराया जाए। निरीक्षण के दौरान एसडीएम गजेंद्र कुमार भी मौजूद थे।
पंपसेट चोरी होने की शिकायत की
निरीक्षण के दौरान नगला रमू निवासी जयदेव ने डीएम से शिकायत की कि पेड़ों की सिंचाई के लिए उन्होंने अपना पंपसेट लगा रखा था। एक माह पूर्व पंपसेट चोरी कर लिया गया। शिकायत दिए जाने के बाद भी थानाध्यक्ष पंपसेट चोरी करने वालों को नहीं पकड़ रहे हैं।