मैनपुरी। सहायक अध्यापक के तौर पर समायोजन रद्द होने से संबंधित हाईकोर्ट के फैसले के बाद जिले के शिक्षामित्रों में आक्रोश है। शिक्षामित्रों ने सोमवार को स्काउट गाइड भवन पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान एक शिक्षामित्र ने मौके पर जान देने की कोशिश की। जानकारी होने पर उसके साथियों ने उसे बचा लिया। इसके बाद लगभग 22 सौ शिक्षामित्रों ने एडीएम सिटी को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन देकर सामूहिक रूप से इच्छामृत्यु मांगी। इससे पूर्व उन्होंने स्काउट गाइड भवन से लेकर कलक्ट्रेट तक दोपहर में पैदल मार्च किया। इस दौरान बड़ी संख्या में फोर्स सीओ सिटी के नेतृत्व में मौजूद था।
हाईकोर्ट ने पिछले दिनों शिक्षामित्रों की सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति को अवैध करार दिया था। सोमवार को जिले भर में सभी ब्लाकों पर शिक्षामित्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद सभी जिला मुख्यालय पर स्थित स्काउट गाइड भवन में शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के नेतृत्व में एकत्रित हुए। यहां संगठन के जिलाध्यक्ष हेमसिंह यादव ने कहा कि 2001 से लेकर अब तक हम लोग थोड़े से मानदेय पर शिक्षा विभाग में कार्य कर रहे थे। वर्षों की मेहनत के बाद सपा सरकार ने हमें यह स्थान दिलाने का प्रयास किया था। बसपा सरकार ने भी नियमावली में संशोधन कर विशिष्ट बीटीसी के तहत सहायक अध्यापकों की भर्ती की थी। इसी प्रकार सपा सरकार ने भी प्रयास किया है। जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष शुभम शक्ति भदौरिया ने कहा शिक्षामित्र अपना हक लेकर रहेंगे। इसके लिए शिक्षामित्र इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में रिट दाखिल करेंगे। प्रदर्शन के दौरान प्राथमिक विद्यालय सराय भटेला ब्लाक करहल के शिक्षा मित्र इंद्रपाल ने गमछे से फंदा बनाकर जान देने की कोशिश की। यह देख मौके पर मौजूद उसके साथियों ने उसे रोका। इसके बाद उसे एक कमरे में ले जाकर साथियों ने उसे ढांढस बंधाया। स्काउट गाइड भवन से हजारों की संख्या में शिक्षा मित्र दोपहर एक बजे जुलूस के रूप में कलक्ट्रेट की ओर रवाना हुए। शिक्षामित्रों का सैलाब देख व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीओ सिटी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में फोर्स तैनात किया गया। कलक्ट्रेट में शिक्षामित्रों ने एडीएम सिटी सूर्यमणि लालचंद्र को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने सहायक अध्यापक के पद पर बहाल न किए जाने की स्थिति में इच्छामृत्यु की अनुमति देने की मांग की। एडीएम ने शिक्षामित्रों को धैर्य से काम लेने की बात कही। साथ ही उनका ज्ञापन राष्ट्रपति तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।