मैनपुरी। स्वास्थ्य विभाग के जागरूकता कार्यक्रमों के बाद भी लोग एड्स की चपेट में आ रहे हैं। जिले में जनवरी से लेकर अब तक 32 लोग एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें से 18 वे लोग हैं जो किसी ने किसी प्रकार का नशा कर रहे हैं। ड्रग्स के कारण ही जिले में एड्स के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।जिला अस्पताल में दर्ज रिकार्ड के अनुसार, एक जनवरी 2025 से 30 नवंबर 2025 तक 11846 लोगों की जांच कराई गई। जांच के दौरान 32 लोग एचआईवी पॉजिटिव निकले। इनमें 18 लोग ऐसे हैं जो नशे के आदी हैं। सात मरीज बाहर से आने वाले हैं जिन्होंने गलत संबंधों के कारण एचआईवी की चपेट आ गए। पांच महिलाएं भी पॉजिटिव पाई गई हैं। एक बालिका और एक अन्य मरीज है जो कुछ अन्य कारणों से एचआईवी पीडि़त हो गए। इन सभी का एड्स जागरूकता टीम की देख रेख में मेडिकल कॉलेज सैफई से उपचार चल रहा है। वहीं, जिला अस्पताल में परामर्श दाता अंशु और एलटी नर सिंह राठौर की देख रेख में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। पराशर्मदाता अंशु पांडेय ने बताया कि यदि पति पत्नी दोनों ही एचआईवी पॉजिटिव हैं तो गर्भ में पल रहे बच्चे को एचआईवी पॉजिटिव होने से बचाया जा सकता है। लेकिन इसके लिए संबंधित को जानकारी उनके यहां देनी होगी। उनकी देखरेख में ही बच्चे का प्रसव कराया जाएगा और जन्म के समय ही बच्चे को नेबरापिन देकर एचआईवी पॉजिटिव होने से बचाया जा सकेगा। सीएमओ डॉ.आरसी गुप्ता, का कहना है कि जिला अस्पताल में एचआईवी की जांच निशुल्क होती है। एचआईवी पॉजिटिव मरीज की सारी जानकारी गोपनीय रखी जाती है। उसका नाम व पता किसी को नहीं बताया जाता है। बिना किसी सोच-विचार के कोई भी व्यक्ति एचआईवी की जांच करा सकता है।