डीएम ने गोद लिए गांव पतारा के मजरा अंबरपुर में चौपाल लगाकर समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्हें गांव में अनेक समस्याएं मिलीं। साथ ही ग्राम के एक परिवार में 11 बच्चों में से अधिकांश कुपोषित और कुछ अतिकुपोषित थे। किसी भी बच्चे का टीकाकरण तक नहीं हुआ था। डीएम ने नाराजगी जताते हुए एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, आशा से कहा कि ऐसे अभिभावकों को जागरूक करने की जरूरत है।
डीएम ने चौपाल में बच्चों को देखा तो पता चला कि गांव में चार कुपोषित एवं 18 अति कुपोषित बच्चे हैं। इनमें करनल पुत्र तेज सिंह, दिव्या पुत्री रामू, सोनी पुत्री प्रदीप की हालत काफी खराब थी। उन्होंने इन तीनों बच्चों को तत्काल पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने के निर्देश प्रभारी चिकित्साधिकारी को दिए। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्री से समन्वय स्थापित कर ग्राम सुल्तानपुर निवासी वेदराम शाक्य के पुत्र विशुन दयाल का आपरेशन सैफई ले जाकर कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पाया कि हरवीर की पुुत्री अनुपमा पूर्व में 14 दिन पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती रही है। फिर भी उसे कोई आराम नहीं मिला। पोषण पुनर्वास केंद्र में रुकने का पैसा भी इसके परिवारीजनों को नहीं मिला। इस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी को तत्काल प्रभावी कार्रवाई कर पूर्व में भर्ती धनराशि का भुगतान कराने एवं पुन: भर्ती कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने मौके पर ही उपस्थित सभी कुपोषित, अतिकुपोषित बच्चों की माताओं का पंजीकरण कराने के लिए जिला विकास अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी को आदेशित किया।
इस मौके पर मुख्य चिकित्साधिकारी डाक्टर केके शर्मा, जिला विकास अधिकारी जेएन कुरील, तहसीलदार करहल कृपा शंकर, जिला कार्यक्रम अधिकारी साहब यादव, ग्राम प्रधान आदि उपस्थित रहे।