मैनपुरी/बिछवां। विकास खंड सुल्तानगंज क्षेत्र के ग्राम महरमई में बुखार से तीन बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग को गांव की सुध आई। टीमों ने पहुंचकर गांव में 157 रोगियों को परीक्षण कर उपचार दिया। मलेरिया की आशंका पर 57 रोगियों की स्लाइड बनाई गईं। गांव के लोगों ने बच्चों का टीकाकरण भी नहीं कराया है। मिशन इंद्रधनुष में भी गांव में बच्चों को टीके नहीं लगे। एएनएम ने लिखकर भी दिया लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने लापरवाही बरती। गांव में कोई भी अधिकारी टीकाकरण कराने नहीं पहुंचा।
सुल्तानगंज क्षेत्र के गांव महरमई में बहेलिया समाज के परिवार रहते हैं। गांव के लोगों में भ्रांति है कि टीकाकरण कराने से बच्चों को नुकसान होता है। गांव में इस लिए परिवार अपने बच्चों का टीकाकरण नहीं कराते। मंगलवार को जब स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव पहुंची तो यह खुलासा एएनएम मनोज कुमार ने किया। एएनएम ने बताया कि मिशन इंद्रधनुष में भी ग्रामीणों ने बच्चों का टीकाकरण नहीं कराया। उन्होंने इसकी सूचना भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुल्तानगंज पर दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
वहीं मंगलवार को जिला मुख्यालय से डाक्टर वाईपी दुबे और यूसी हजेला तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुल्तानगंज से डाक्टर मनोज पाठक और रवींद्र सिंह गौर के नेतृत्व में टीम पहुंचीं। टीमों ने 157 रोगियों का परीक्षण कर उपचार दिया। मलेरिया की आशंका पर गांव में 57 रोगियों की स्लाइड बनाईं। टीम के चिकित्सकों ने ग्रामीणों को टीकाकरण कराने के बारे में जागरूक किया।