महोबा। कोतवाली क्षेत्र के पलका गांव में आर्थिक तंगी से परेशान युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। उसका शव गांव के बाहर एक पेड़ से रस्सी के फंदे पर झूलता मिला। कोरोना संक्रमण व लॉकडाउन के चलते दो माह से मेहनत मजदूरी का काम न मिलने और दो बहनों के हाथ पीले करने की चिंता में युवक परेशान रहता था। सूचना पर पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस घटना की जांच कर रही है।
पलका गांव निवासी प्रीतम (28) के पिता देवीदीन की पांच वर्ष पहले मौत हो गई थी। जिसके बाद परिवार के भरण पोषण की जिम्मेदारी प्रीतम पर आ गई थी। छह बहनों में चार की शादी हो चुकी है जबकि दो बहनों नेहा (20) व भारती (18) की शादी की चिंता उसे सता रही थी। तीन बीघा भूमि में उचित पैदावार न होने से प्रीतम मेहनत मजदूरी करके परिवार चला रहा था। आर्थिक तंगी के चलते तीन माह पहले उसकी पत्नी भी मायके चली गई थी। जिससे वह परेशान रहने लगा। शुक्रवार की सुबह प्रीतम ने खेत में लगे पेड़ से रस्सी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। जिससे उसकी मौत हो गई।
मृतक की बहन नेहा व भारती ने बताया कि उनकी शादी के लिए भाई ने कई स्थानों पर संपर्क किया। एक दो दिन में देखने वालों को घर आना था। दो माह से मेहनत मजदूरी का काम नही मिला। जिससे घर की आर्थिक स्थित और खराब हो गई। इसी चिंता में भाई ने यह कदम उठाया। घटना से मानसिक रूप से बीमार मां व परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। कोतवाली पुलिस घटना के कारणों की जांच कर रही है।