महोबा। मदन सागर सरोवर के बीच पानी में स्थित ऐतिहासिक खखरा मठ तक जाना अब सैलानियों के लिए आसान होगा। यहां तालाब के किनारे से लेकर खखरा मठ तक पैंटून पुल तैयार हो रहा है। मॉडर्न मेंटीनेंस प्रोडेक्शन ( एमएमपी ) मुंबई को इसके निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पैंटून पुल के निर्माण में यूरोपियन फाइबर का इस्तेमाल किया हो रहा है। ताकि लंबे समय तक यह पुल धरोहरों की शान बढ़ाता रहे।
डीएम सतेंद्र कुुमार ने दो महीने पहले पर्यटन विभाग के माध्यम से खखरा मठ तक पहुंचने के लिए पुल बनाने का प्रस्ताव किया था। अफसरों का मानना था कि कम लागत में बेहतर से बेहतर पुल तैयार हो सके। तब पर्यटन विभाग ने यहां पैंटून पुल बनाए जाने को लेकर कवायद शुरू की थी। साथ ही इसके तैयार होने की अंतिम तारीख 31 मार्च 2021 तय की। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद पैंटून पुल बनना शुरू हो गया है। बता दें कि इस मुद्दे को अमर उजाला ने 26 दिसंबर 2020 को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
करीब 340 मीटर लंबा होगा पुल
खखरा मठ तक पहुंचने के लिए 340 मीटर लंबा पैंटून पुल तैयार होगा। पुल में कई ब्लॉक बनाए जा रहे हैं। निर्माण इकाई के अनुसार एक ब्लॉक करीब दो टन तक वजन का बोझ
यह है खखरा मठ का इतिहास
खखरा मठ मदन सागर सरोवर की सुंदरता को आकर्षित करता है। इसकी संरचना चंदेल नरेश मदन वर्मन ने 1129-1163 ई. को की थी। सरोवर के मध्य में स्थित इस देवालय का निर्माण प्राकृतिक पाषाण शिलाओं को संग्रहित कर एक ऊंची जगह पर किया गया है। खखरा मठ की बनावट खजुराहो में स्थित प्राचीन धरोहरों की शैली जैसी है। इस मंदिर का आधार 12.8 मीटर व ऊंचाई 31.4 मीटर है। इसमें एक गर्भगृह, अंतराल, मंडप व अर्धमंडप क्रमश: घटते क्रम में स्थित है। इसका मुख्य प्रवेश गेट पूर्व व उत्तर और दक्षिण में है। इस देवालय के गर्भ गृह में विष्णु, लक्ष्मी, गणेश भगवान के साथ ही सूर्य की मूर्तियों से अलंकृत है।