संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। अब राजमिस्त्री, बढ़ई, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, पेंटर व अन्य कारीगरों को काम की तलाश में सुबह-सुबह चौराहों पर खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लोगों को भी इनकी तलाश में इधर-उधर भटकना नहीं होगा। श्रम विभाग ने श्रमिकों और नियोक्ताओं को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ने के लिए यूपी डिजिटल लेबर चौक मोबाइल एप लॉन्च किया है। इससे दोनों की जरूरतें एक ही जगह पूरी हो सकेंगी।
इस एप के लिए श्रमिकों व ठेकेदारों का पंजीकरण शुरू कर दिया गया है। यह एप पारंपरिक व्यवस्था को डिजिटल स्वरूप देगा। निर्माण कार्य कराने वाला व्यक्ति मोबाइल एप पर अपना पंजीकरण कर आवश्यक श्रमिकों की संख्या, कार्य का प्रकार, स्थान, मजदूरी और अन्य विवरण दर्ज कर नौकरी पोस्ट कर सकेगा। दूसरी ओर पंजीकृत श्रमिक अपने मोबाइल पर उपलब्ध कार्यों को देखकर आवेदन कर सकेंगे। श्रम प्रवर्तन अधिकारी महेंद्र प्रजापति का कहना है कि इस डिजिटल व्यवस्था से श्रमिकों को रोजगार मिलने में मदद मिलेगी।
उन्हें विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, कौशल विकास कार्यक्रमों और अन्य सरकारी सुविधाओं की जानकारी भी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जाएगी। इससे श्रमिकों की आय बढ़ाने व रोजगार के अवसरों का दायरा बढ़ाने में मदद मिलेगी।
श्रमिकों को ऐसे मिलेगा फायदा: इस एप में श्रमिक पंजीकरण के दौरान अपना नाम, मोबाइल नंबर, कौशल, अनुभव, पता, उपलब्धता और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करेंगे। प्रोफाइल तैयार होने के बाद उन्हें डैशबोर्ड पर उनके कौशल के अनुसार रोजगार की जानकारी मिलेगी। वे स्थान, मजदूरी, कार्य के प्रकार व अन्य विकल्पों के आधार पर काम की तलाश कर सकेंगे। एप में जीपीएस आधारित मैप सुविधा भी है। इससे आसपास उपलब्ध कार्यों की जानकारी मिल सकेगी। श्रमिक यह भी देख सकेंगे कि उन्होंने किन-किन कार्यों के लिए आवेदन किया है और उनका क्या स्टेटस है।