इलाहाबाद ग्रामीण बैंक में लाइन लगे लोग।
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नोटबंदी के चलते अब कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कर्मचारियों की सैलरी एकमुश्त न मिलने से उनका घरेलू बजट गड़बड़ा गया है। सबसे ज्यादा दिक्कत कोचिंग और स्कूल की फीस अदा करने में हो रही है। दूध वाले और मकान मालिक किराए के लिए दबाव बना रहे हैं। इससे कर्मचारी परेशान हैं।
डीपीआरओ कार्यालय में तैनात कर्मचारी रवि बौद्ध, गौवर्द्धन सेन का कहना है कि अब ड्यूटी छोड़कर बैंकों की लाइनों में लगना पड़ रहा है। इसके बाद भी पूरी तनख्वाह नहीं मिल रही है। जिससे घरेलू बजट गड़बड़ा गया है। नगर पालिका में तैनात रामसेवक और अरुण शुक्ला कहते है कि किश्तों में पैसा मिलने से अब पैसे की बचत भी नहीं हो पाएगी। कर्ज लेकर दूध वाले व बच्चों की फीस दी गई।
डाकघरों में नहीं चल रहे 500-1000 के नोट
जिले के डाकघरों में 500 और 1000 के नोट खाता धारकों के खातों में जमा नहीं हो रहे हैं। इससे डाकघर के खाता धारक खासा परेशान हैं। डाक अधीक्षक डीएस द्विवेदी का कहना है कि स्टेट बैंक शाखा महोबा में डाकघर का खाता है। स्टेट बैंक में नोट नहीं लिए जा रहे इसलिए डाकघरों में 500 व 1000 के नोट नहीं लिए जा रहे हैं।