महोबा। वीर आल्हा-ऊदल की नगरी महोबा के एक और होनहार ने कमाल कर दिया। इस होनहार की ओर से बनाए गए समर्थ पोर्टल के माध्यम से बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ में सभी अकादमिक गतिविधियां संपादित होने लगी है। समर्थ पोर्टल सुचारु क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण योगदान देकर होनहार ने महोबा का नाम प्रदेश स्तर पर रोशन किया है। साथ ही प्रवेश के दौरान छात्राओं को होने वाली कठिनाइयों से भी छुटकारा मिला है।
महोबा शहर के गांधीनगर निवासी अरुण तिवारी के पुत्र यश तिवारी ने हाल में ही बीबीएयू लखनऊ से एमएससी आईटी की पढ़ाई पूरी की है। यश द्वारा बनाए गए समर्थ पोर्टल से अब विवि में चल रही प्रवेश प्रक्रिया संपादित हो रही है। बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ ने पहली बार परीक्षा फार्म के आवेदन ऑनलाइन समर्थ पोर्टल पर लिए। राष्ट्रीय शैक्षणिक डिपॉजिटरी की समन्वयक व सह-प्राध्यापक डॉ. राजश्री के निर्देशन में यह पोर्टल तैयार किया है। विवि के विभिन्न संकायों और उनके अंतर्गत विभिन्न विभागों के पाठ्यक्रम को इस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन व्यवस्थित किया गया हैं। जिसकी सहायता से अलग-अलग विभागों के छात्र अपने पाठ्यक्रम के लिए परीक्षा फॉर्म भर सकेंगे।
विवि की टीम ने इस बार ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था की है। विवि के कुलपति डॉ. संजय सिंह ने समन्वयक व उनकी टीम में शामिल यश तिवारी को बधाई व शुभकामनाएं दी हैं। परीक्षा नियंत्रक प्रो. विक्रम सिंह यादव का कहना है कि इस पोर्टल के जरिए आसानी से अकादमिक गतिविधियों को संपादित किया जा रहा हैं। यश द्वारा बनाए गए ई-समर्थ पोर्टल से उच्च शिक्षण संस्थान जुड़ रहे हैं। जानकारों का कहना है कि उच्च शिक्षा में इससे क्रांतिकारी बदलाव आएगा।
एक क्लिक से सभी अकादमिक रिकॉर्ड मिलेगा
महोबा। समर्थ पोर्टल से विभिन्न गतिविधियां आसानी से संपादित होंगी। कार्य संस्कृति में सुधार होगा। विवि के छात्रों व कर्मियों की संपूर्ण जानकारी भी इस पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी। एक क्लिक में छात्रों की संख्या, रिसर्च की अद्यतन स्थिति, शिक्षकों और कर्मचारियों का डाटाबेस आसानी से मिलेगा। अब समर्थ पोर्टल के लिए प्रत्येक विश्वविद्यालय में एक नोडल पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की जा रही है। नोडल पदाधिकारी विभाग, विवि और कॉलेज के बीच कड़ी का कार्य करेंगे। छात्र को ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म जमा करने से पहले पाठ्यक्रम विवरण जैसे पाठ्यक्रम कोड, पाठ्यक्रम का नाम, क्रेडिट आदि की पुष्टि करने के लिए निर्देश मिले थे। पोर्टल से जुड़ जाने के बाद बीबीएयू के सभी कार्य ई-गवर्नेंस से संचालित हो रहें है।
पोर्टल तैयार करने वाले छात्र यश तिवारी का कहना वह एमएससी करने के बाद अब पीएचडी कर रहे हैं। उन्होंने जो पोर्टल बनाया है वह छात्रों के लिए यह एक बेहतर प्लेटफॉर्म है। जिसकी सहायता से छात्र अपने परीक्षा फॉर्म से लेकर अन्य अकादमिक गतिविधियों को सहजता से कर सकते हैं।