फोटो 02 एमएएचपी 08 परिचय-मृतक अरविंद्र पाल (फाइल फोटो)। स्रोत: परिजन
महोबा/चरखारी। कोतवाली चरखारी के करहराखुर्द गांव में साहूकारों के कर्ज की अदायगी और छोटी बहन की शादी की चिंता में सोमवार की रात किसान ने खेत में फंदा लगाकर जान दे दी। परिवार के मुखिया की मौत से परिजन सदमे में हैं। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है।
करहराखुर्द निवासी अरविंद्र पाल (23) सात बीघा भूमि में खेती के साथ मेहनत-मजदूरी करता था। उसके पिता लेखराम का 11 साल पहले निधन हो चुका है। घर पर वह इकलौता कमाने वाला था। सोमवार को वह खेत गया और रात को मेड़ पर लगे पेड़ में गमछे से फंदा लगा लिया। मंगलवार की सुबह जब ग्रामीण वहां से गुजरे तो युवक को फंदे पर लटकता देख परिजनों व पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारकर घटनास्थल की बारीकी से जांच की।
युवक के बड़े चाचा लाल सिंह और ममेरे भाई राकेश ने बताया कि उसने अपनी व बड़ी बहन क्रांति की शादी के लिए साहूकारों से तीन लाख रुपये कर्ज लिया था। इसकी अदायगी की चिंता में वह काफी परेशान था। वहीं उसे छोटी बहन रचना की शादी भी करती थी। खेती में बेहतर उपज न होने से कर्ज की अदायगी नहीं हो पा रही थी। शायद इसके चलते उसने यह कदम उठाया। घटना से मां सुरजी, पत्नी रोशनी और बेटी गुड़िया रो-रोकर बेहाल है। उधर तहसीलदार रामानंद मिश्रा का कहना है कि सूचना पर लेखपाल शेख फहीम को मौके पर भेजकर जांच कराई गई है। किसान ने आत्महत्या की है जो भी संभव होगा, सहायता दिलाई जाएगी।