महोबा। शहर के एक निजी क्लीनिक में रविवार को नवविवाहिता की इलाज दौरान मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
जिला अस्पताल के बाहर स्ट्रेचर पर शव रखकर परिजन कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर शव को मोर्चरी में रखवाया। सीएमओ ने टीम गठित कर मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
शहर के मोहल्ला शेखनपुरा निवासी अजय उर्फ रिंकू वाल्मीकि जिला अस्पताल में आउटसोर्सिंग से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। उसकी शादी अप्रैल 2023 में शाहपहाड़ी निवासी ज्योति (24) के साथ हुई थी।
ज्योति दो दिन से बुखार से पीड़ित थीं। उसका इलाज जिला अस्पताल में कराया गया। आराम लगने पर परिजन उसे घर ले गए। शनिवार की रात एक बार फिर हालत बिगड़ने पर परिजन उसे उप कारागार के पास संचालित एक निजी क्लीनिक ले गए। जहां उपचार दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना से आक्रोशित परिजनों ने निजी क्लीनिक में जमकर हंगामा काटा। मृतका के पति अजय व देवर भोला ने आरोप लगाया कि ज्योति के भर्ती होने के बाद चिकित्सक को पांच से छह बार फोन कर बताया कि हालत ज्यादा गंभीर है, लेकिन देखने नहीं आए। इससे जान चली गई।
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाते हुए शव को जिला अस्पताल लाई। यहां परिजन कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। तब कोतवाली के एसआई सुजीत कुमार जायसवाल ने परिजनों को कार्रवाई का भरोसा देकर शांत कराया। इस दौरान एक घंटे तक हंगामा चलता रहा।
उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशाराम का कहना है कि जिस क्लीनिक में घटना हुई है। वह विभाग में पंजीकृत है। मामले की जांच नोडल अधिकारी डॉ. आरके चौरिहा को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।