श्रीनगर (महोबा)। तेज आंधी के चलते बिजली व्यवस्था लड़खड़ा गई है। श्रीनगर क्षेत्र में कई स्थानों पर फाल्ट और इंसुलेटर खराब होने से कस्बा समेत 15 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। घंटों मशक्कत के बाद बिजली विभाग के कर्मचारी फाल्ट ढूढ़ सके। तब कहीं जाकर नौ घंटे बाद आपूर्ति बहाल हो सकी। बिजली गुल रहने से उपभोक्ताओं को दिक्कत हुई। सुबह के समय पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित रही।
कस्बे के 33 केवी पावर स्टेशन से श्रीनगर क्षेत्र के 42 गांव को बिजली आपूर्ति की जाती है। तेज आंधी के चलते सिजहरी फीडर की हाईटेंशन लाइन में खराबी आ गई। जिससे आपूर्ति बंद हो गई। पूरे दिन स्थानीय लाइनमैन फाल्ट ढूंढ़ने में लगे रहे। शाम सात बजे फाल्ट मिलने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। सिजहरी फीडर से जुड़े आंशिक श्रीनगर, बरा, सिजहरी, सलारपुर, तिंदौली, पलका, बसौरा, मझलवारा, बनियातला, मिरतला समेत 15 गांव की बिजली आपूर्ति नौ घंटे तक बाधित रही। भीषण गर्मी के बीच बिजली आपूर्ति ठप रहने से पेयजल आपूर्ति भी नहीं हो सकी। अवर अभियंता देवकीनंदन आर्य का कहना है कि आंधी के कारण तार टूट गया था और इंसुलेटर खराब हो गया था। इसके चलते आपूर्ति ठप रही। शाम सात बजे आपूर्ति बहाल हो सकी।
तेज आंधी से उड़े टीन-टप्पर
महोबा। मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया। रविवार की शाम करीब चार बजे तेज आंधी का दौर शुरू हो गया। इस दौरान धूल भरी हवाएं चलने से वाहन चालकों को भी आवाजाही में खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा। दो पहिया वाहन चालकों ने अपने वाहन रोक लिए। आंधी थमने के बाद ही वह गंतव्य के लिए रवाना हुए। उधर आंधी के चलते लोगों के घरों व दुकानें में लगे टीन-टप्पर उड़ गए। इस दौरान करीब बीस मिनट तक तेज आंधी का दौर चला। बेलाताल स्थित कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉ. मुकेशचंद्र ने बताया कि रविवार केे मौसम का अधिकतम तापमान 38 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। इस दौरान आर्द्रता 43 फीसदी दर्ज की गई।