श्रीनगर (महोबा)। तेज आंधी और बारिश में श्रीनगर फीडर के हाईटेंशन लाइन के तार कई स्थानों पर टूट गए। इससे 42 गांव अंधेरे में डूबे रहे। 12 घंटे बाद शुक्रवार की सुबह आपूर्ति बहाल हो सकी।
बिजली गुल रहने से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित रही। भीषण गर्मी में बिजली न आने से उपभोक्ताओं को भारी दिक्कत हुई। बृहस्पतिवार की शाम अचानक मौसम में बदलाव के साथ बूंदाबांदी के बीच तेज हवाएं चलीं। इसके चलते 33 केवीए हाईटेंशन लाइन में खराबी आ गई। कई स्थानों पर तार टूटकर फेस-टू-फेस हो गए।
इससे भंडरा, श्रीनगर, सिजहरी, ढिकवाहा, सिजरिया, ज्योरइया, चितइयन, ढुड़इयन, पवा, मिरतला, बनियातलां, पलका, बसौरा, बिलखी, ननौरा, उदयपुरा, कंचनपुरा, पिपरामाफ, लुहेड़ी समेत 42 गांव की बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
बिजली के अभाव में पूरी रात उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी से जूझना पड़ा। बिजलीकर्मी पूरी रात लाइन को ठीक करने में लगे रहे लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। शुक्रवार की सुबह पांच बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। शाम से बिजली न आने के चलते टंकियां नहीं भर सकीं। इससे सुबह के समय पेयजल आपूर्ति प्रभावित रही। ऐसे में लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ा।
बिजली विभाग के अवर अभियंता देवकीनंदन आर्य का कहना है कि हाईटेंशन लाइन के तार कई स्थानों पर टूट गए थे। इसके कारण बिजली आपूर्ति नहीं हो सकी। कड़ी मशक्कत के बाद सुबह बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। वहीं, भंडरा फीडर से जुड़े 14 गांव की बिजली 18 घंटे बाद बहाल हो पाई।