महोबा। बुंदेलखंड की पठारी धरती पर सर्दी ने 15 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 26 जनवरी का दिन पिछले 15 वर्षों में सबसे ठंडा रहा। 15 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रही बर्फीली हवाओं से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। हाड़ कंपाने वाली ठंड के कारण लोग अपने घरों में दुबके रहे। इससे शहर की गलियों व सड़कों पर सन्नाटा छाया रहा। मौसम विभाग के अनुसार आगामी चार दिनों तक मौसम इसी तरह रहेगा।
पहाड़ों पर हुई बर्फबारी का असर बुंदेलखंड की पठारी धरती पर भी नजर आ रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र, बेलाताल के वैज्ञानिक डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि आम तौर पर मकर संक्रांति के बाद सर्दी की विदाई होने लगती है, लेकिन इस बार ठंड ने फिर से पलटी मारी है। पिछले 15 सालों में पहली बार 26 जनवरी का दिन सबसे ज्यादा सर्द रहा। इस दौरान मौसम का अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस दौरान आर्द्रता 88 फीसदी और हवाओं की रफ्तार 15 किमी प्रतिघंटे दर्ज की गई। इस दौरान पूरे दिन सर्द हवाएं चलती रहीं।
दोपहर के समय कुछ देर के लिए सूर्यदेव के दर्शन हुए। हालांकि, बुधवार को तापमान में कुछ उछाल देखने को मिला। इस दौरान न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग की मानें तो अभी आने वाले चार-पांच दिन तक मौसम इसी तरह बना रहेगा।