महोबा। बुंदेलखंड की पठारी धरती पर अब तरबूज और खरबूजे की फसल लहलहाएगी। खास बात यह है कि महोबा के बाजार में यह फल अपने निर्धारित समय से दो माह पहले फरवरी माह में आ जाएंगे। यह सब संभव होने जा रहा है हाईटेक नर्सरी से। नर्सरी में तरबूज व खरबूजे के 90 हजार पौध तैयार किए जाएंगे। इसके बाद उन्हें किसानों को सौंपा जाएगा।
उद्यान विभाग की ओर से कृषि विज्ञान केंद्र बेलाताल में डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से हाईटेक नर्सरी तैयार की गई है। यहां हाईब्रिड तरीके से पौधे तैयार किए जा रहे हैं। नर्सरी का तापमान पौधों की जरूरत के हिसाब से रखा जाता है। ऐसे में किसी भी मौसम में सब्जियों और फलों के पौध तैयार किए जा सकते हैं। आमतौर पर बाजार में तरबूज व खरबूजे का फल अप्रैल माह में आता है लेकिन हाईटेक नर्सरी में तरबूज और खरबूजे के पौध तैयार किए जाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। माह जनवरी तक नर्सरी में तरबूज व खरबूजे के पौध तैयार हो जाएंगे। इसके बाद उन्हें किसानों को सौंपा जाएगा। ताकि वह पौधों को खेतों में लगा सकें। माह फरवरी में तरबूज और खरबूजे के फल आना शुरू हो जाएंगे। ऐसे में ऑफ सीजन में ही महोबा के बाजार में खरबूजे व तरबूज का फल ग्राहकों के लिए उपलब्ध हो जाएगा।