सूखे से ऐतिहासिक तालाबों में पानी की जगह धूल उड़ रही है। 2700 वर्ग हेक्टेयर में फैला जिले का सबसे बड़ा बेलासागर तालाब का पानी तलहटी में पहुंच गया है। तालाब में अब महज पांच दिन की पेयजल आपूर्ति के लिए पानी शेष बचा है। ऐसे में आने वाले दिनों में ग्रामीणों को पानी के लिए जद्दोजहद करनी पड़ेगी।
बेलासागर तालाब से जैतपुर, अमानपुरा, छितरवारा, बिहार, मुढ़ारी सहित एक दर्जन गांव में पानी की आपूर्ति की जाती है। पाइप लाइन कई स्थानों से क्षतिग्रस्त होने से पानी की बर्बादी भी हो रही है। बेलासागर तालाब के आधे से अधिक हिस्से में पानी की जगह धूल उड़ रही है।
जिले का सबसे बड़ा तालाब सूखने से मई व जून में पानी को लेकर मारामारी तय है। हैंडपंप व कुएं पहले ही जवाब दे चुके हैं। जल संस्थान के अवर अभियंता एमके चौहान का कहना है कि प्रतिदिन 300 केएल पानी की आपूर्ति की जा रही है जिसमें मुढ़ारी और कुलपहाड़ भी शामिल है। पांच मई तक आसानी से पेयजल आपूर्ति हो सकेगी। इसके बाद टैंकरों से पानी मुहैया कराया जाएगा।