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15 स्थानों पर पानी की टेस्टिंग के बाद कराई गई आपूर्ति

Sun, 14 May 2017 10:54 PM IST
15 स्थानों पर पानी की टेस्टिंग के बाद कराई गई आपूर्ति
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फिल्टर प्लांट को देखती अधिकारियों की टीम। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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उर्मिल बांध का पानी जहरीला होने की खबर से प्रशासन की नींद उड़ गई। रविवार को सारा दिन जल संस्थान की टीमें दौड़ती रहीं। सुबह बांदा से आईअधिकारियों की टीम के अलावा महोबा के अधिकारियों की टीमों ने भी उर्मिल बांध सहित अलग-अलग 15 स्थानों पर पानी की टेस्टिंग के बाद सुबह नौ बजे पानी की आपूर्ति की गई।
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पानी में ब्लीचिंग, क्लोरीन आदि की मात्रा भी बढ़ाई गई। उधर, पशु चिकित्सा अधिकारी की मछलियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पानी खराब बताकर खलबली बचा दी।
यूपी-एमपी की सरहद पर बने उर्मिल बांध में 25 क्विंटल मछलियां मर जाने से पानी जहरीला होने का संशय गहरा गया। जल निगम और जल संस्थान की टीम ने कल पानी के सैंपल लेकर बबीना और लखनऊ लैब भेज दिया। एक सैंपल सीएमओ कार्यलय की लैब में भी भेजा गया।

मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी अजय कुमार सिंह ने अधिकारियों को भेजकर पानी की जांच कराने के निर्देश दिए। इधर, प्रशासनिक अमला जहरीला पानी होने की आशंका के मद्देनजर रात 12 बजे तक परेशान रहा और पानी की जांच के बाद ही जल संस्थान को आपूर्ति करने के निर्देश दिए।
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रविवार को सुबह चीफ केमिस्ट एसके वर्मा बांदा के नेतृत्व में आई टीम ने श्रीनगर फिल्टर प्लांट और उर्मिल बांध पहुंचकर पानी के सैंपल लिए। इसके अलावा संक्रामक रोग विशेषज्ञ महोबा एके मिश्रा, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता राजीव भटनागर, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार तिवारी और जल संस्थान के अवर अभियंता एसके वर्मा ने भी उर्मिल बांध पहुंचकर पानी की टेस्टिंग की और रॉ वाटर का सैंपल लिया।

प्रतिदिन सुबह छह बजे उर्मिल बांध से शहर में होने वाली पानी की आपूर्ति को रोक दिया गया। इसके बाद जल संस्थान के अधिशासी  अभियंता और अवर अभियंता ने समदनगर में बने सीडब्ल्यूआर टैंक, कलेक्ट्रेट के सीडब्ल्यूआर टैंक, मनियादेव के सीआरडब्ल्यू टैंक, कीरत सागर के ओवरहेड टैंक के अलावा तमराई बजार, भीतरकोट, शुक्लानापुरा, खनगा बाजार, समदनगर सहित करीब 15 स्थानाें पर पानी की टेस्टिंग करने के बाद पानी ठीक पाए जाने पर दिन में नौ बजे पानी की आपूर्ति की गई।

जल निगम द्वारा बबीना और लखनऊ भेजे गए पानी के सैंपल की रिपोर्ट अभी नहीं आई है। हालांकि  सीएमओ कार्यालय के लैब से आई रिपोर्ट में पानी पीने योग्य पाया गया। जिससे शहर में पानी की आपूर्ति कराई गई।


उर्मिल बांध के पानी की टेस्टिंग कराई गई है। पानी में कोई कमी नहीं पाई गई है। आक्सीजन की कमी से मछलियां मर गईं। अन्य कारणों से भी मछलियां मरती रहती हैं। पानी में कोई कमी नहीं है। कई कई टीमों से पानी की जांच करा ली गई है। पशु चिकित्सा अधिकारी ने पानी खराब होने की बात गलत बताई है। पानी ठीक है।
अजय कुमार सिंह, जिलाधिकारी महोबा


उर्मिल बांध से श्रीनगर फिल्टर प्लांट में आने वाले कच्चे पानी को फिटकरी, क्लोरीन, ब्लीचिंग डालने के बाद पानी को फाड़कर शुद्ध किया जाता है। इसके बाद महोबा शहर के अलावा गांव में पानी की आपूर्ति की जाती है। दो दिन से उर्मिल बांध की सप्लाई होने के बाद भी कोई भी बीमार नहीं हुआ। गर्मी की वजह से ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। इसलिए मछलियां मर गईं।
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सुनील कुमार तिवारी अधिशासी अभियंता, जल निगम महोबा
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