गर्मी बढ़ने के साथ ही तालाब, बांध और पोखरों का जलस्तर तेजी से घट रहा है। इसके चलते जिले में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। पिछले दो दिनों से शहर और ग्रामीण अंचलों में पानी को लेकर हाहाकार मचा है। शहर में मदनसागर सरोवर और उर्मिल बांध से पानी की आपूर्ति की जाती है, लेकिन इनका जलस्तर तेजी से घट रहा है।
मदनसागर सरोवर की तलहटी में पानी पहुंच गया है। कमोवेश यही स्थिति उर्मिल बांध की भी है, बांध में पानी कम होने से जलनिगम आधा घंटे ही पानी की सप्लाई कर रहा है, जिससे शहर में पानी को लेकर हाय तौबा मची है। लोग पानी के लिए सुबह पांच बजे से जाग जाते हैं, लेकिन कई मोहल्लों में पानी नहीं पहुंच रहा है। हाल ये है कि मदनसागर सरोवर में मात्र बीस फीसदी पानी ही बचा है।
ऐसे में चौबीस घंटे में मात्र एक बार पानी की आपूर्ति की जा रही है। वहीं कुलपहाड़ प्रतिनिधि के अनुसार कस्बे में बिजली संकट के कारण पानी के टैंक नहीं भर पा रहे हैं, जिससे बमुश्किल बीस से तीस मिनट ही पानी की आपूर्ति हो रही है।
पाताल तोड़ कुओं ने भी दिया जवाब
शहर में बने मदनऊ और सदनऊ पाताल तोड़ कुओं ने भी जवाब दे दिया है, जिससे इन कुओं से होने वाली पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। इसी तरह चरखारी बाईपास मार्ग पर और स्टेडियम के पास बना ट्यूबवेल भी खुद प्यासा है।
मोटर खराब होने पेयजल आपूर्ति ठप
अजनर। कस्बे में अजनर ग्राम समूह पेयजल योजना के तहत पाइप लाइन बिछाई गई थी। कस्बे में तीन स्थानों पर मोटर लगाकर ओवरहेड टैंक को भरा जाता है। एक पंप का मोटर खराब हो गया, जबकि आंधी आने के बाद से दो पंपों में बिजली ही नहीं पहुंची। पानी की टंकी न भर पाने से दो दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप है।
कोई शिकायत नहीं आई
अधीशाषी अभियंता जलनिगम महोबा, सुनील कुमार तिवारी ने कहा कि शहर में पानी की आपूर्ति नियमित की जा रही है, कुछ स्थानों पंप की वजह से समस्या है। जल्द ही समस्या का निराकरण कराकर पानी मुहैया कराया जाएगा। अभी तक पेयजल संकट के बाबत कोई शिकायत नहीं आई है। फिर भी भरपूर पानी की आपूर्ति की जाएगी।