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पानी और बिजली की बात हुई बेमानी

Thu, 17 Sep 2015 12:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो महोबा।
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महोबा। जिले में पानी और बिजली को लेकर बेताबी बढ़ रही है। पेयजल की मुकम्मल व्यवस्था न होने की वजह से लोग सड़क पर उतरने लगे हैं। स्थिति यह है कि तमाम लोगों को बिना नहाए ही आफिस निकलना पड़ रहा है। इस अव्यवस्था से गुस्साए लोगों ने बुधवार को प्रदर्शन किया। वहीं बिजली समस्या भी बढ़ती जा रही है। पानी और बिजली की अव्यवस्था से लोग सरकारी मशीनरी के साथ ही सियासतदानों को भी कोसने लगे हैं। लोगों का कहना है कि चुनाव के समय वादा किया जाता है, लेकिन बिजली पानी जैसी गंभीर समस्या पर न तो सत्ता पक्ष बोल रहा है और न ही विपक्ष। ऐसी स्थिति में सरकारी मशीनरी हाथ पर हाथ धरे बैठी है।  
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महोबा। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रतौलीपुरवा में न तो बिजली की सुविधा है और न ही अब पानी मिल रहा है। गांव में प्राथमिक विद्यालय भी बंद है। ऐसी स्थिति में यहां के बच्चों को दूसरे गांव जाना पड़ता है। बुधवार को बिजली पानी सहित विभिन्न समस्याओं की मांग को लेकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। मांगों से संबंधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
ग्राम रतौलीपुरवा निवासी जागे अनुरागी, बाबा, मान सिंह, सीताराम, कुलदीप, नत्थू, वीरेंद्र, मकरन, बंदू, छोटे सिंह, बल्दू अहिरवार, गेंदा, कालीदीन सहित दो ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में बताया कि आजादी के बाद से गांव में विद्युतीकरण नहीं कराया गया, जिससे ग्रामीण अभी भी लालटेन और चिराग की रोशनी में अपने दिन काट रहे है। गांव में बिजली न होने से ग्रामीण आधुनिक उपकरणों जैसे, टीवी, फ्रिज, कूलर पंखा आदि का भी लाभ नहीं उठा पा रहे है। गांव में पानी की लाइन न होने से ग्रामीणों को हैंडपंप और कुओं का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में महज तीन हैंडपंप है जिनमें से एक हैंडपंप खराब पड़ा है। जिससे सुबह शाम पानी के लिए लोगों को लाइन लगाना पड़ता है। जिसकी शिकायत विभाग और प्रधान से करने के बाद भी आज तक नल नहीं  सुधरवाया गया। ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि दो माह पहले राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत गांव का सर्वे किया गया था। जिसके तहत अधिकारियों ने तीन माह में बिजली की लाइन डालने का आश्वासन दिया था। लेकिन आज तक  विद्युतीकरण का काम पूरा नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि गांव में एक भी प्राथमिक विद्यालय नहीं है, जिससे बच्चों को पढ़ाई के तीन किमी दूर दूसरे गांव जाना पड़ता है। जिससे बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने गांव में  विद्युतीकरण करवाने, पानी की लाइन विछाने और प्राथमिक स्कूल खुलवाए जाने की मांग की है।
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समाजसेवी टैंकर भेज बुझा रहे लोगों की प्यास
चरखारी। नगर क्षेत्र में पेयजल के लिए त्राहि-त्राहि मचने से समाज सेवियों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। एक सप्ताह से पेयजल आपूर्ति ठप होने लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे है। जिससे टैंकरों से पानी की आपूर्ति की जा रही है। वहीं जल संस्थान टूटी पाइप लाइनों को दुरुस्त नहीं करा पा रहा है।
चरखारी नगर की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था एक सप्ताह बाद भी बहाल नहीं हो पाई है। अर्जुन बांध के नजदीक बने पंप हाउस की पाइप लाइन टूटने का हवाला देकर जल संस्थान ने चरखारी और रिवई, खरेला की पेयजल आपूर्ति करा पाने के मामले में हाथ खड़े कर दिए है। पानी की किल्लत को देखते हुए विभाग भी कोई कारगर कदम नहीं उठा रहा हैं। जिससे टूटी पाइप लाइन को अभी तक दुरुस्त नहीं किया जा सका है। नगर में विकराल पेयजल संकट को देखते हुए समाज सेवी अशोक महराज ने नागरिकों को पेयजल की समस्या से निजात दिलाने के लिए टैंकरों से पेयजल आपूर्ति शुरू करा दी है। एक सप्ताह से दिनभर दो ट्रैक्टर टैंकरों को पेयजल प्रभावित वार्डों में लगाकर आपूर्ति की जा रही है। जिससे 50 हजार से अधिक की आबादी के नगर में पेयजल संकट से परेशान जनता को खासी राहत मिली है। मामले पर जल संस्थान के अवर अभियंता एसके वर्मा का कहना है कि टूटी पाइप लाइन को दुरुस्त कराया जा रहा है। जल्द ही पेयजल की आपूर्ति शुरू कराई जाएगी।

मोटर फुंकने से पेयजल आपूर्ति ठप
महोबा। चरखारी बाईपास रोड पर स्थित दो ट्यूबवेलों के फुंकने से आधे शहर में पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है। जिससे पानी के लिए शहर में हायतौबा मची हुई है। जिससे सुबह - शाम हैंडपंप पर भारी भीड़ जुट रही है। समस्या को देखते हुए महकमे ने हमीरपुर से दो ट्यूबवेल की मोटरें मंगा ली हैं।
मालूम हो कि गांधीनगर, हाथी पूंछ के पीछे गली, रोडवेज, पीपीएन चौराहा, मंडी के सामने कालोनी, प्राइवेट बस स्टैंड सहित आधे शहर में ट्यूबवेलों से पानी की आपूर्ति की जाती है, लेकिन सोमवार को दोनों ट्यूबवेलों की मोटर फुंक जाने से दो दिनों से आधे शहर की पेयजल आपूर्ति बंद हो गई है, जिससे शहर में पानी को लेकर हायतौबा मची हुई है। जिससे लोग हैंडपंपों और कुओं से पानी भर रहे है। दो दिन से पानी की आपूर्ति न होने से लोगों में खासा गुस्सा है, जल संस्थान ने हमीरपुर से दो मोटरें मंगा ली है। जल संस्थान के अवर अभियंता ने बताया कि विश्वकर्मा जयंती के चलते मिस्त्री पूजा करने के बाद काम करेंगे।
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