संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। पंचायत चुनावों के लिए दो दिन पहले जारी की गईं अनंतिम मतदाता सूचियों में भारी गड़बड़ियां सामने आई हैं। अधिकांश ग्राम पंचायतों में मतदाताओं के मनमाने ढंग से नाम काटे गए हैं। सूचियों के वाचन के दौरान हो रहे हंगामे से परेशान बीएलओ अब अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। उन्हें ग्रामीणों के आक्रोश का भी शिकार होना पड़ रहा है।
परेशान बीएलओ बृहस्पतिवार को सदर एसडीएम से मिले और समस्या समाधान की मांग की। निर्वाचन आयोग की ओर से त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के लिए मतदाता सूचियों को दुरुस्त कराया जा रहा है। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में तैनात बीएलओ ने मतदाता सूचियों को दुरुस्त किया और आवश्यक संशोधन के लिए डाटा छह अक्टूबर को संबंधित तहसील कार्यालयों में पहुंचा दिया।
23 दिसंबर को अनंतिम मतदाता सूचियां बीएलओ को उपलब्ध कराई गईं। इनमें छूटे या हटाए नामों पर दावा-आपत्ति प्राप्त करते हुए 30 दिसंबर तक दोबारा डाटा जमा करना है। बीएलओ को निर्देश दिए गए कि इन मतदाता सूचियों का वाचन गांव में जाकर किया जाए। जब बीएलओ ने वाचन शुरू किया तो इन सूचियों से भारी संख्या में वोटर के नाम गायब थे। ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए बीएलओ को जिम्मेदार ठहराया।
इस मामले में एसडीएम शिवध्यान पांडेय का कहना है कि टाइपिंग में गलती के चलते अनंतिम सूचियों में कुछ कमियां हो गई हैं। किसी भी मतदाता का नाम नहीं काटा जाएगा, जिनके नाम इन सूचियों में नहीं हैं, बीएलओ उनके फार्म भरकर जमा करेंगे तो नाम जुड़ जाएंगे।