महोबा। ग्राम देवगनपुरा में तीस वर्षों से भूमाफियाओं के कब्जे से मुक्त करा तालाब की खुदाई करा रही महिला प्रधान के पक्ष में सैकड़ों मजदूर लामबंद हो गए। तालाब की खुदाई जेसीबी मशीन से कराए जाने के आरोप से नाराज श्रमिकों ने डीएम की चौखट पर पहुंच प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी ने तालाब खुदाई जारी रखने का निर्देश देते हुए भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया।
विकासखंड पनवाड़ी की ग्राम पंचायत देवगनपुरा स्थित झांसी मिर्जापुर हाइवे किनारे से तालाब की वेश कीमती भूमि है। तीस वर्षों से तालाब की भूमि पर भूमाफिया कब्जा जमाए थे। जिससे तालाब का अस्तित्व ही मिट गया था। महिला प्रधान शालिनी सिंह ने प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत तालाब का अस्तित्व बचाने की मुहिम एक माह पहले छेड़ दी थी। जिससे भूमाफियाओं में खलबली मच गई। मनरेगा के तहत श्रमिकों द्वारा कराए जा रहे तालाब खुदाई के काम में भू माफि याओं ने अड़ंगा लगाने का प्रयास किया। तालाब की कीमती जमीन से कब्जा हटता देख भूमाफियाओं ने जेसीबी से खुदाई कराए जाने का आरोप लगाते हुए काम बंद कराने की आवाज उठाई।
जिससे नाराज एक सैकड़ा श्रमिकों ने मंगलवार को महिला ग्राम प्रधान के साथ कलेक्ट्रेट पहुंच जिलाधिकारी वीरेश्वर सिंह को मामले से अवगत कराया। बताया कि बीते 30 बर्षो से तालाब की भूमि पर भूमाफिया कब्जा जमाए थे। कब्जा हटने से भूमाफिया आरोप लगा रहे है। आरोप है कि भूमाफिया विकास विभाग के अधिकारियों से सांठगांठ किए हैं। जिससे तालाब की भूमि में कब्जा बरकरार रह सके। डीएम ने प्रधान की इस पहल की सराहना करते हुए तालाब खुदाई का काम जारी रखने के निर्देश दिए। प्रधान के साथ जिला पंचायत सदस्य अनिल यादव, तेइया प्रधान देवीदीन, नैपुरा प्रधान जयहिंद यादव, जखा प्रधान रामकुमार राजपूत, कोटरा प्रधान रज्जन सिंह, कोहनिया प्रधान पारस आदि मौजूद रहे