महोबा। चित्रकूट धाम मंडल के आईजी के सत्यनारायाणा ने अधिवक्ता मुकेश कुमार पाठक खुदकुशी के मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी (विशेष विवेचना दल) का गठन किया है। इसमें एक डिप्टी एसपी व दो इंस्पेक्टरों को शामिल किया गया है। विवेचना का पर्वेक्षण की जिम्मेदारी बांदा के एसपी सिद्धार्थ शंकर मीणा को सौंपी गई है। आईजी ने एसआईटी टीम से जांच कर जल्द रिपोर्ट दिए जाने के निर्देश दिए हैं।
डीेएम सत्येंद्र कुमार ने अधिवक्ता मुकेश कुमार पाठक की मौत के मामले की निष्पक्ष जांच विशेष जांच दल से कराए जाने की संस्तुति करते हुए शासन व आईजी को पत्र भेजा था। 19 फरवरी को भेजे गए इस पत्र के आधार पर आईजी ने एसआईटी का गठन किया है। इसमें बांदा के अतर्रा सर्किल में तैनात सीओ आनंद कुमार पांडेय, क्राइम ब्रांच, बांदा के इंस्पेक्टर रामेंद्र तिवारी और क्राइम ब्रांच, हमीरपुर में तैनात इंस्पेक्टर विक्रमाजीत सिंह को शामिल किया गया है। आईजी का कहना है कि महोबा नगर कोतवाली में अधिवक्ता खुदकुशी मामले में कबरई ब्लॉक प्रमुख छत्रपाल यादव व उसके छह साथियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने का मामला दर्ज है। इसकी विवेचना तत्काल गठित एसआईटी के अफसरों को ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। विवेचना निष्पक्ष व पार दर्शी तरीके के होगी।
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आरोप लगाने वाली युवती की तलाश में जुटी पुलिस
महोबा। गोली मारकर खुदकुशी करने वाले अधिवक्ता मुकेश कुमार पाठक व उनके बेटे पर गंभीर आरोप लगाने वाली युवती के आडियो की जांच भी शुरू हो गई है। पुलिस ने युवती के बारे में जानकारी जुटाने के साथ शुरू कर दी है। पुलिस इस युवती से भी पूछताछ कर मामले की तह तक जाने की कोशिश करेगी। एसपी अरुण कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि मामले की किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
सोशल मीडिया पर एक आडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवती कबरई ब्लॉक प्रमुख छत्रपाल यादव से मोबाइल बात कर रही है। आडियो में बातचीत के दौरान युवती ने मुकेश और उनके बेटे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस आडियो को फर्जी बताते हुए परिजनों जांच की है। आंदोलनरत जिले के अधिवक्ता भी इस युवती की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। इधर, लगातार दबाव बढ़ता देख पुलिस ने आरोप लगाने वाली युवती की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस को युवती का नाम तो पता चल गया है, वह कुलपहाड़ इलाके की बताई जा रही है, पिता का नाम व घर का पता अभी तक नहीं मिला है। कोतवाली नगर की पुलिस टीम ने शनिवार को कुलपहाड़ जाकर युवती के बारे में पता लगाने की कोशिश की, लेकिन कामयाबी हाथ नहीं लगी।
एसपी ने बताया कि सोशल मीडिया में वायरल आडियो में खुदकुशी करने वाले अधिवक्ता व उनके बेटे पर आरोप लगाने वाली युवती के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इस युवती से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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सपा शासनकाल में बंद हुई थी निगरानी
कबरई ब्लॉक प्रमुख छत्रपाल यादव कोतवाली नगर का हिस्ट्रीशीटर है। पुलिस अफसरों के मुताबिक सपा शासनकाल में शासन के आदेश पर छत्रपाल की निगरानी बंद कर दी गई थी। अधिवक्ता मुकेश कुमार पाठक की मौत में छत्रपाल को गिरफ्तार किए जाने के बाद उसकी निगरानी की फाइल फिर खोल दी गई है। छत्रपाल की निगरानी बीते सात साल से नहीं हो रही थी।
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साथियों की भी खुलेगी हिस्ट्रीशीट
अधिवक्ता मुकेश कुमार पाठक की मौत के मामले में जेल में बंद छत्रपाल के साथी अंकित सोनी, विक्रम यादव, आनंद मोहन यादव, रवि सोनी, मनीष चौबे, अभय प्रताप सिंह की भी हिस्ट्रीशीट खोलने की तैयारी शुरू हो गई है। जल्द ही कोतवाली नगर में इनकी हिस्ट्रीशीट खुल जाएगी।
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एक आरोपी की रायफल जब्त, अन्य के शस्त्रों की तलाश जारी
महोबा। अधिवक्ता खुदकुशी मामले में गिरफ्तार किए गए छत्रपाल यादव के पास दुनाली बंदूक, उसकी पत्नी नीरज व सास ज्ञानवती के नाम रायफल का लाइसेंसी शस्त्र हैं। इसके अलावा आरोपी रवि कुमार सोनी व आनंद मोहन यादव के नाम रायफल, विक्रम यादव की पत्नी नीलम के पास रायफल हैं। पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर डीएम सत्येंद्र कुमार ने इन सभी के शस्त्र लाइसेंसों की निरस्त कर दिया है। शनिवार को पुलिस ने आरोपियों के शस्त्रों को जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी।
सीओ सिटी रामप्रवेश राय भारी फोर्स के साथ आरोपियों के घर गए। सीओ ने बताया कि आरोपी आनंद मोहन की 315 बोर की रिवाल्वर और आठ कारतूसों को जब्त किया गया है। बाकी आरोपियों के घरों में लाइसेंसी शस्त्र नहीं मिले हैं, उनका पता लगाया जा रहा है। 24 घंटे में सभी आरोपियों के शस्त्र जब्त कर लिए जाएंगे।
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बुधवार तक जब्त हो जाएगी सभी की संपत्ति
जिला प्रशासन ने गैंगस्टर एक्ट की धारा 14/1 के तहत आरोपियों की चल व अचल संपत्ति कुर्क करे की तैयारी कर ली है। पुलिस ने ब्लॉक प्रमुख छत्रपाल और उसके साथियों की संपत्ति का ब्योरा जुटा लिया है। शनिवार को पुलिस व प्रशासनिक अफसरों ने आरोपियों की संपत्ति को लेकर समीक्षा बैठक की। सूत्रों की मानें तो नामजद सात आरोपियों के पास 10 लग्जरी वाहन हैं। छत्रपाल के पास कबरई में क्रशर, गांधी नगर, छिकहरा में मकान, चरखारी बाईपास के पास होटल समेत कई जगह संपत्ति होने का पता चला है। पुलिस ने आरोपियों की संपत्ति का ब्योरा तैयार करके फाइल एसडीएम के पास भेज दी है। बुधवार तक आरोपियों की संपत्ति कुर्क किए जाने की कार्रवाई शुरू होेने की उम्मीद जताई जा रही है।