ग्राम बुधवारा निवासी देवकुंवर (20) अपने पति के साथ थी। जबकि सास-ससुर खेत में राखवाली करने गए थे। रविवार रात पति अरिमर्दन से सोने की अंगूठी मांगने को लेकर दोनों में कहासुनी हो गई थी। इसके बाद पति-पत्नी घर पर सो गए। कहासुनी से क्षुब्ध देवकुंवर ने देर रात जागने के बाद कमरे से बाहर आकर कुंडी बंद कर दी और दूसरे कमरे में मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली। देर रात मकान से धुआं और आग की लपटें उठती देख ग्रामीण एकजुट होकर दौड़ पड़े और कड़ी मशक्कत कर घर में घुसकर आग बुझाई। उधर चीख पुकार सुनकर कमरे में बंद पति को बाहर निकाला गया। लेकिन तब तक युवती बुरी तरह से झुलस चुकी थी। युवती को आनन-फानन जिला अस्पाताल छतरपुर में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान डॅाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
उधर सूचना पाकर मृतका का पिता हरकिशन राजपूत भी छतरपुर पहुंच गए । मृतका के पिता ने बताया कि एक साल पहले उसने अपनी बेटी देवकुंवर की शादी अरिमर्दन के साथ की थी। अरिमर्दन की गलत आदतों के चलते पति-पत्नी के बीच कलह होती रहती थी। अरिमर्दन ने देवकुंवर के तमाम जेवरात बेच दिए थे। इसकी जानकारी देवकुंवर ने दस दिन पहले मायके सगुनिया आने पर दी थी। रविवार की रात भी दोनों के बीच विवाद हुआ था। जिसके चलते उसने आग लगाकर आत्महत्या कर ली।