-अभियुक्तों पर चार-चार हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। कुल्हाड़ी से हमला व एससीएसटी एक्ट के दस साल पुराने मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट) लखविंदर सिंह सूद बृहस्पतिवार को फैसला सुनाया। दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त जयवर्धन लोधी और मोतीलाल को तीन-तीन वर्ष की सजा सुनाई। साथ ही चार-चार हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
थाना श्रीनगर के ग्राम सिजवाहा निवासी जवाहरलाल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि 11 अक्टूबर 2015 की शाम करीब साढ़े 6 बजे वह अपने खेत से घर आ रहा था। उसके साथ भतीजा जगजीवन साइकिल पर तिल की फसल रखकर आगे चल रहा था। तभी गांव का ही जयवर्धन लोधी व माेतीलाल रास्ते में खड़े थे। जयवर्धन अपने हाथ में कुल्हाड़ी लिए था। इन लोगों ने उसका रास्ता रोका और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। उसने बचाव में सिर छुकाया तो कुल्हाड़ी उसके बाएं हाथ पर लगी। उसने छूटकर भागने की कोशिश की तो इन लाेगों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए फिर से कुल्हाड़ी मार दी, जो उसके दाएं हाथ में लगी। वह भागकर अपने घर में घुस गया तो ये लोग भी दरवाजे तक आए और गालियां देते रहे। पुलिस ने जयवर्धन व मोतीलाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। न्यायालय ने मामले में सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया।