महोबा। गैंगस्टर एक्ट के 11 साल पुराने मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, एफटीसी 2016 /विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट सर्वोत्तमा नगेश शर्मा ने फैसला सुनाया। दोष सिद्ध होने पर दो अभियुक्तों को तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई। उन पर पांच-पांच हजार का जुर्माना लगाया।
तत्कालीन शहर कोतवाली प्रभारी शिवशंकर शुक्ला 23 मई 2015 को गश्त पर थे। तभी दिसरापुर के ग्रामीणों ने बताया कि गांव में संतोष रैकवार का संगठित गिरोह है। कमलेश रैकवार निवासी मुढ़ारी सक्रिय सदस्य है। यह आर्थिक लाभ के लिए अपराध करते हैं। कुछ दिन पहले दोनों आरोपियों के पास से चार बाइकें बरामद हुई थीं। जिसकी रिपोर्ट कोतवाली कुलपहाड़ में दर्ज हुई थी। पुलिस ने डीएम के अनुमोदन के बाद गैंग के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की। विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किए गए। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया।