महोबा। अपर जिला सत्र न्यायाधीश प्रथम रामकिशोर शुक्ल ने दो बच्चियों और एक किशोरी से अलग-अलग गांव में हुई छेड़खानी के मामले में दो लोगों को तीन-तीन साल की सजा सुनाई और छह-छह हजार रुपये का जुर्माना ठोंका। अदालत के आदेश पर अभियुक्तों को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया गया।
खन्ना थाने के एक ग्राम में वर्ष 2018 को ग्राम ग्योड़ी निवासी दया साहू 04 व 05 साल दो बच्चियों को टॉफी देने के बहाने खंडहर में ले गया। जहां दो बच्चियों के साथ अश्लील हरकतें कर उनके साथ छेड़खानी की। बच्चियों की जानकारी देने पर उनके अभिभावकों ने थाना खन्ना में दया साहू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद दया साहू को पॉक्सो एक्ट और छेड़खानी का दोषी ठहराते हुए तीन साल की सजा सुनाई। दूसरा मामला थाना महोबकंठ के एक गांव का है। यहां मानकी निवासी चंद्रपाल उर्फ चंदू ने 9 फरवरी 2018 को एक गांव की 16 वर्षीय किशोरी को बहला फुसलाकर गांव के बाहर ले गया। जहां पर उसके साथ छेड़खानी की और बताने पर जान से मारने की धमकी देता हुए भाग गया था। पीड़िता के पिता ने चंद्रपाल के खिलाफ थाना महोबकंठ में छेड़खानी और पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। एडीजे रामकिशोर शुक्ल ने गुरुवार को दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद चंद्रपाल उर्फ चंदू को तीन साल की सजा सुनाई। दोनों मुकदमों की पैरवी सरकार पक्ष की ओर से करते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवकता दिनेश सिंह ने बताया कि अभियुक्तों पर अदालत ने छह-छह हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका है। दोनों अभियुक्तों को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया गया है।