जिले में संक्रामक बीमारियां तेजी से पांव पसार रहीं हैं। जिला अस्पताल और प्राइवेट क्लीनिकों में मरीजों की भरमार है। बुखार, उल्टी, दस्त और डायरिया के मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। बीमारी की चपेट में आकर एक वृद्धा समेत दो की मौत हो गई।
बारिश के बाद निकल रही तेज धूप के बाद बदले मौसम के मिजाज के चलते संक्रामक बीमारियां बढ़ रहीं है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन सैकड़ों नए मरीज आ रहें है। डॉक्टरों के कक्ष में मरीज और तीमारदारों की भारी भीड़ जुट रही है।
जिला अस्पताल में डॉक्टर के आने से पहले ही मरीज अपने-अपने पर्चे लगा देते है। जिला अस्पताल में पर्चा बनवाने और दवा लेने के लिए कि लिए लंबी लंबी लाइने लग रहीं हैं।
संक्रामक बीमारी की चपेट में आकर शहर के मोहल्ला इमलीबरा निवासी मत्ती (70) पत्नी दिल्ले चौरसिया की मंगलवार की शाम को मौत हो गई।
इसी तरह कोतवाली क्षेत्र के रतौलीपुरवा गांव निवासी भानसिंह (75) कुछ दिनों से तबियत खराब चल रही थी। परिजनों ने उसका जिला अस्पताल में उपचार कराया। मंगलवार की रात कोे उसकी मौत हो गई।
जिला अस्पताल के डॉक्टर नरेंद्र सिंह राजपूत का कहना है कि बदल रहे मौसम से संक्रामक बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। उन्होंने साफ पानी पीने, बाजार में खुले में रखा खाद पदार्थ का सेवन न करने और ताजा खाना खाने की बात कही।