फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महिला की हत्या में दो भाई और बहन को आजीवन कारावास

सार

अदालत ने दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका
विज्ञापन
court order - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महोबा। करीब पांच साल पहले एक महिला की हत्या किए जाने के मामले में अदालत ने दोष सिद्ध होने पर दो भाइयों और बहन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। एक अभियुक्त को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। अदालत ने दोषियों को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया है।
विज्ञापन

कोतवाली चरखारी के ग्राम गुढ़ा निवासी अशोक कुमार ने अपनी बेटी स्नेहलता की शादी कोतवाली क्षेत्र के ही ग्राम अस्थौन निवासी अजय सिंह के साथ की थी। अजय सिंह की मौत होने के बाद जनपद हमीरपुर के थाना मझगवां क्षेत्र के ग्राम टोला रावत निवासी अनुसुईया अजय सिंह की दूसरी पत्नी का दावा करके घर में घुस आई थी। अनुसुईया ने अपनी सौतन स्नेहलता के खिलाफ न्यायालय में जमीन-जायदाद में हिस्सेदारी का मुकदमा भी दायर किया था। जमीन-जायदाद को लेकर दोनों महिलाओं में विवाद चल रहा था। 29 जुलाई 2014 को अनुसुईया अपने दो भाइयों व एक अन्य ग्रामीण के साथ दोपहर करीब साढ़े 12 बजे स्नेहलता के घर में घुस गई। वहां तीन लोगों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। जिससे स्नेहलता की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। मृतका के भाई रवींद्र लोधी ने कोतवाली चरखारी में अनुसुईया, उसके भाई जयहिंद, शिवपाल पुत्रगण करन सिंह व टोला रावत निवासी देवेंद्र के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
जनपद न्यायाधीश महताब अहमद ने बुधवार को दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद अनुसुईया, जयहिंद और शिवपाल को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई जबकि देवेंद्र सिंह पर दोषसिद्ध न होने पर उसे बरी कर दिया गया। इस मुकदमे की पैरवी करते हुए शासकीय अधिवक्ता केशव सिंह राजपूत और प्रमोद पालीवाल ने बताया कि अदालत ने अभियुक्तों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका है। जुर्माना अदा न करने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें