महोबा/कबरई। कानपुर-सागर व झांसी-मिर्जापुर हाईवे पर ट्रक और डंपर काल बनकर दौड़ रहे हैंं। ओवरलोडिंग के साथ तमाम ट्रक नंबर प्लेट ढककर हाईवे पर फर्राटा भर रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारी इक्का-दुक्का वाहनों के खिलाफ कार्रवाई कर खानापूर्ति कर रहे हैं। दिन और रात के समय पत्थरमंडी कबरई से एक हजार से अधिक ट्रक गिट्टी भरकर विभिन्न जनपदों के लिए जाते हैं। इन वाहनों को लोकेशन देकर निकालने का धंधा लंबे समय से चल रहा है।
प्रदेश की सबसे बड़ी पत्थरमंडी कबरई में 200 पहाड़ और इतने ही क्रशर प्लांट संचालित हैं। यहां हमीरपुर, कानपुर, लखनऊ, उन्नाव, फतेहपुर, बाराबंकी, प्रयागराज समेत विभिन्न जनपदों से ट्रक गिट्टी लेने आते हैं। रात के समय यह ट्रक हाईवे पर काल बनकर दौड़ते हैं। यही वजह है कि कानपुर-सागर हाईवे पर सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। दुर्घटना के बाद कार्रवाई से बचने के लिए ट्रक चालक नंबर प्लेटों को धुंधला कर देते हैं। इनमें या तो मिट्टी लगा दी जाती है या फिर काला रंग। ताकि, सही नंबर लोगों को समझ में न आए। नंबरों को ढककर चलने का खेल प्रतिदिन होता है लेकिन पुलिस और परिवहन विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं देता। सूत्रों की मानें तो प्रत्येक ट्रक का मासिक सुविधा शुल्क निर्धारित है। जो ट्रक मालिक इसका पालन नहीं करते, उन्हीं के वाहन पर कार्रवाई होती है।
तीन दिन पहले हाईवे पर बरीपुरा के पास डंपर की टकर से कार सवार एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद परिवहन विभाग की नींद टूटी। एआरटीओ ने अभियान चलाकर ओवरलोड, बिना परमिट व नंबर प्लेट ढककर चलने वाले सात ट्रकों के खिलाफ कार्रवाई की थी। इसके बाद भी हाईवे पर ओवरलोड और नंबर प्लेट ढककर ट्रकों और डंपरों के दौड़ने का सिलसिला जारी है।
हाईवे पर ओवरलोड और बिना नंबर प्लेट चलने वाले वाहनों की नियमित जांच की जा रही है। दो दिन के अंदर नौ ट्रकों को थाना खन्ना और कबरई में बंद किया गया है। ओवरलोड वाहनों को किसी भी कीमत पर नहीं चलने दिया जाएगा। -दयाशंकर, एआरटीओ, महोबा।