महोबा/कबरई। पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों का असर सीधे ट्रांसपोर्ट पर पड़ेगा। इससे न सिर्फ भाड़े में बढ़ोतरी होगी बल्कि गिट्टी और निर्माण सामग्री के दामों पर असर पड़ेगा। पत्थरमंडी कबरई से प्रतिदिन करीब तीन हजार ट्रक गिट्टी लेकर विभिन्न जनपदों में जाते हैं। डीजल के दामों में तीन रुपये 11 पैसे की बढ़ोतरी होने से अब पत्थरमंडी कबरई से लखनऊ जाने वाले ट्रकों का भाड़ा 520 रुपये बढ़ जाएगा।
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष छुट्टन सिंह ने बताया कि डीजल के दामों में तीन रुपये 11 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी ने ट्रांसपोर्ट कारोबार की कमर तोड़ दी है। बताया कि बढ़े हुए डीजल मूल्य से ट्रांसपोर्टरों पर करीब एक रुपये चार पैसे प्रति किमी अतिरिक्त खर्च बढ़ गया है।
पत्थरमंडी से लखनऊ तक गिट्टी परिवहन करने वाले वाहनों में लगभग 167 लीटर डीजल की खपत होती है। इससे एक वाहन पर प्रति चक्कर करीब 520 रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। लगातार बढ़ती लागत से ट्रांसपोर्टर चिंतित है। वहीं इसका असर जल्द ही गिट्टी व निर्माण सामग्री की कीमतों पर भी दिखाई पड़ सकता है।
ट्रांसपोर्टर साबिर हुसैन का कहना है कि डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने ट्रांसपोर्ट कारोबार की आर्थिक व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। डीजल महंगा होने से वाहनों के संचालन खर्च में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिसका सीधा असर गिट्टी, बालू व अन्य निर्माण सामग्री की ढुलाई पर पड़ रहा है।
परिवहन लागत बढ़ने से बाजार में निर्माण सामग्री महंगी होने लगी है। इससे आम लोगों के निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ते खर्च के चलते छोटे ट्रांसपोर्टरों के सामने वाहन संचालन का संकट खड़ा हो गया है और यदि डीजल कीमतों पर नियंत्रण नहीं हुआ तो आने वाले समय में भाड़ा बढ़ाना मजबूरी बन जाएगा।