चरखारी/कुलपहाड़। जिले में अलग-अलग स्थानों पर दो किसानों ने आत्महत्या कर ली। कोतवाली चरखारी के करहराखखुर्द गांव में फसल बर्बाद होने से परेशान किसान ने फंदा लगा लिया। वहीं, कोतवाली कुलपहाड़ के चुरारी गांव में किसान ने फंदा लगाकर जान दे दी। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
करहराखुर्द गांव निवासी संतराम (42) खेती करके परिवार का भरण-पोषण करता था। इस बार उसने मूंगफली की फसल बोई थी। अतिवृष्टि से फसल बर्बाद हो गई थी। शुक्रवार रात किसान ने मकान के कमरे में रस्सी का फंदा बनाकर जान दे दी। संतराम के भाई संदीप ने बताया कि खेत में बोई गई मूंगफली की फसल बर्बाद हो गई थी। सुबह जब उसके भाई संतराम फसल देखकर घर वापस लौटे और उदास हो गए। बैंक का भी 1.88 लाख रुपये कर्ज था। इसी के चलते यह कदम उठाया। घटना से मृतक की पत्नी रेखा, पुत्र ऋषिकेश व अभिषेक का रो-रोकर बुरा हाल है। कोतवाली प्रभारी गणेश कुमार गुप्ता का कहना है कि घटना की जांच कराई जा रही है। कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं।
कुलपहाड़ संवाद के अनुसार चुरारी गांव निवासी किसान गुलाब (35) ने देर रात घर पर रस्सी से फंदा लगा लिया। जिससे उसकी मौत हो गई। सुबह जब परिजन जागे तो गुलाब को फंदे पर लटकता देख उनके होश उड़ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच की। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है। परिवार के मुखिया की मौत से पत्नी क्रांति को तीन बच्चों पूनम, कल्लू व सचिन की परवरिश की चिंता सता रही है।