कुलपहाड़ (महोबा)। बुंदेलखंड के महोबा जिले में कर्ज के बोझ से दबे किसान अशोक रिछारिया (58) ने ट्रेन के आगे छलांग लगा दी। अशोक का शरीर कई हिस्सों में बंट गया और मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस और लेखपाल ने मामले की जांच की। एसडीएम का कहना है कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शाम को अशोक का शव परिजनों को सौंप दिया।
नगर के शारदा माता मंदिर के पास रहने वाले अशोक रिछारिया सोमवार की सुबह करीब छह बजे घर से खेत जाने के लिए निकले थे। उनके खेत के बगल से झांसी-मानिकपुर रेलवे लाइन गुजरी है। अशोक ने रेलवे लाइन से गुजर रही बांदा-झांसी पैसेंजर के आगे छलांग लगाकर जान दे दी। ट्रेन के हार्न की आवाज सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग मौके पर पहुंचे। लोगों ने अशोक का क्षत-विक्षत शव देख परिजनों व पुलिस को सूचना दी। इसके बाद थाना पुलिस और लेखपाल ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की।
अशोक की पत्नी अहिल्या ने पुलिस को बताया कि पति की भिलौनी मौजा में दो बीघा जमीन है। बैंक ऑफ बड़ौदा की कुलपहाड़ शाखा से 70 हजार रुपये का किसान क्रेडिट कार्ड से कर्ज लिया था। जबकि, कोऑपरेटिव सोसाइटी से 15 हजार रुपये का ऋण लिया था। खेत में सिंचाई की व्यवस्था न होने से कई साल से फसल नहीं बोई जा रही थी। जमीन का कुछ हिस्सा भी बेच दिया था। एसडीएम कुलपहाड़ मोहम्मद उवैस का कहना है कि किसान के आत्महत्या करने की जानकारी मिली है। लेखपाल को जांच के लिए मौके पर भेजा गया है। लेखपाल की रिपोर्ट आने के बाद साफ हो सकेगा कि किसान की आत्महत्या कर्ज की वजह से की है अथवा मामला कुछ और है।
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परिजनों में मचा कोहराम
अशोक की मौत की खबर सुनते ही पत्नी अहिल्या, बेटे विकास और सौरभ मौके पर पहुंच गए। यह लोग अशोक के शरीर की स्थिति देख कर बिलख पड़े। अहिल्या रोते-रोते बेहोश हो गई। परिजनों और गांव वालों के मुंह पर पानी की छींटे डालने पर अहिल्या को होश आया। इसके बाद लोगों ने अशोक की पत्नी व बेटों को समझा कर शांत कराया।