संत कबीर आश्रम कठकुलवापुरा में रविवार को कबीर अमृतवाणी सत्संग समिति ने कबीर अमृतवाणी सत्संग का आयोजन किया । यहां कबीरी भजन के साथ सच्चाई के मार्ग पर चलकर गरीबों की सेवा करने पर बल दिया गया। आज बिरज में होली रे रसिया गीत पर श्रोताओं ने तालियाें से संगत की।
सत्संग का शुभारंभ कबीर वंदना से हुआ। कंछेदीलाल पुरवार, रामअवतार सैन, विदेश विद्यासन और राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित मालती विश्वकर्मा ने आज बिरज में होली रे रसिया, सब दिन होत न एक समान व करमगति टारै न टरै भजन पेश किए।
सत्संग में कवि विद्यासन व हरदयाल हरि अनुरागी ने कहा कि भक्ति व सेवा का मार्ग बहुत कठिन है। इस पर सच्चा व वीर पुरुष ही चल पाता है। सच्चाई के मार्ग पर चलकर गरीबों, असहायों की सेवा करनी चाहिए। इसका फल जरूर मिलता है। डा. एलसी अनुरागी ने कबिरा खड़ा बाजार में, मांगे सबकी खैर की व्याख्या की। इन्होंने कहा कि सभी वर्गों के संतों ने बिना किसी भेदभाव के संपूर्ण मानव जाति की सेवा करने के लिए कहा है।
सत्संग में किशोरीलाल, चंद्रशेखर, किशोर दादा पुरवार, कमलापत, ब्रजमोहन ताम्रकार, लखनलाल, योगेंद्र अनुरागी सहित बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहे।