जिले में पांच घंटे हुई रिमझिम बारिश फसल के लिए संजीवनी साबित हुई है। पानी न मिलने से सूख रही फसल पानी मिलने से लहलहाने लगी है। बारिश होने से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। किसानों को खेतों में सब्जी और जौ की फसल की पैदावार की उम्मीद बढ़ गई है।
मालूम हो कि मंगलवार को सुबह पांच बजे से शुरू हुई रिमझिम बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे है। मंगलवार को हुई बारिश के बाद ही किसान हल लेकर खेतों की तरफ निकल पड़े। जिसके चलते सुबह से ही किसान जुताई में लग गए। किसानों ने बताया कि अभी बारिश कम हुई है एक घंटे तक तेज बारिश हो जाती है तो अभी भी बड़े पैमाने पर बुवाई हो सकती है। मंगलवार को हुई बारिश से खेतों में नमी आने से किसानों को बुवाई की आस जगी है। इस वर्ष बारिश न होने से करीब 8 से 10 प्रतिशत बुवाई ही हो सकी। अब फसल का प्रतिशत बढ़ने के आसार बढ़ गए हैं। इससे किसान खासे गदगद हैं। आज तीन मिलीमीटर बारिश हुई है। अभी भी बादल छाए हुए हैं जिससे बारिश होने की अभी उम्मीद बनी हुई है।
सूख रही फसल अब हरी भरी हो जाएगी। बारिश से सब्जी की पैदावार होने लगेगी। थोड़ा बहुत जौ की पैदावार भी हो सकती है। पशुओं के चारे और पानी की व्यवस्था हो जाएगी। खाली पड़े खेत हरे भरे होने से पशुआें को चारा भी मिलने लगेगा। किसानों की सिंचाई भी बच जाएगी। कुछ किसान पानी का लाभ उठाकर फसल की पैदावार ले सकेंगे।
डीवी सिंह
उप निदेशक कृषि महोबा